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भारतीय मजदूर संघ द्वारा बाबू गेनू सैद की बलिदान दिवस पर मनाया गया स्वदेशी दिवस

स्वदेशी आंदोलन में वीरगति प्राप्त करने वाले प्रथम व्यक्ति थे श्रधेय गेनू सैद-रवींद्र मिश्रा

प्रहरी संवाददाता/फुसरो (बोकारो)। भारतीय मजदूर संघ से संबंद्ध सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ ढोरी क्षेत्र द्वारा 12 दिसंबर को बाबू श्रद्धेय गेनू सैद का बलिदान दिवस मनाया गया। बलिदान दिवस के अवसर पर यहां स्वदेशी दिवस मनाया गया।

आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में मुख्य रूप में उपस्थित अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के कार्य समिति सह पेंशन सेल सदस्य रवीन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि आज हमलोग पुरे भारतवर्ष में 12 दिसंबर को बाबू श्रधेय गेनू सैद की बलिदान दिवस के उपलक्ष्य पर स्वदेशी दिवस धूमधाम से मना रहे है। उसी निमित्त आज हमलोग सीसीएल सीकेएस ढोरी क्षेत्र द्वारा बलिदान दिवस के उपलक्ष्य पर स्वदेशी दिवस मना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाबू श्रधेय गेनू सैद का जन्म पुणे जिले के महानगुले ग्राम में एक जनबरी 1908 को हुआ था। वे वीरगति को 12 दिसंबर 1930 को स्वदेशी आंदोलन के दौरान प्राप्त हुए। वे प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने केवल स्वदेशी आंदोलन के तहत अपने आपको बलिदान देकर वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वदेशी सत्याग्रह आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिए। कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अहम भूमिका रही है।

उन्होंने विदेशी कपड़ों का होली बनाकर जलाया और काफी विरोध किया। वे केवल चौथी क्लास तक अपनी पढ़ाई लिखाई पूरी की और भारत वर्ष के लिए आंदोलन में खड़े हुए। साथ हीं स्वदेशी आंदोलन में अपना 12 दिसंबर 1930 को बलिदान दिया। उसी निमित्त भारतीय मजदूर संघ द्वारा बाबू श्रधेय गेनू सैद के बलिदान को हम आज सभी पुरे भारतवर्ष में स्वदेशी दिवस मना रहे हैं।

विनय कुमार सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय ढोरी खास में भारतीय मजदूर संघ से संबंद्ध सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ ढोरी क्षेत्र द्वारा बाबू श्रधेय गेनू सैद के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य पर स्वदेशी दिवस मना रहे है। बाबू श्रधेय गेनू सैद केवल 22 वर्ष की आयु में स्वदेशी आंदोलन में शहीद हुए। कहा कि उनकी शिक्षा दीक्षा काफी ज्यादा नहीं हुई थी, फिर भी उनके देश के प्रति प्रेम कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके शिक्षक गोपीनाथ पंत ने उन्हें भारतीय साहित्य एवं इतिहास से संबंधित रामायण, महाभारत, छत्रपति शिवाजी की कहानी से उन्हें भली भांति अवगत कराए थे। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अहम भूमिका रही।

मौके पर भारतीय मजदूर संघ बोकारो जिला संगठन मंत्री संत सिंह, सीसीएल सीकेएस मंत्री कुलदीप, अध्यक्ष हीरालाल रविदास, शाहनवाज खान, राजेश पासवान, बिरेन्द्र गुप्ता, फूलचंद किस्कू, अजय सिंह, फूली गोप, मनोज कुमार, भोला राम, कुंडा सिंह, कौशलेंद्र आदि उपस्थित थे।

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