विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। होसिर स्थित पेट्रोल पंप में कार्यरत सफाई कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी। घटना आक्रोशित रहिवासियों ने मुआवजे की मांग को लेकर पंप को बंद करा दिया है। सूचना पाकर प्रशासनिक पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले को शांत कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में गोमिया थाना क्षेत्र के होसिर स्थित तेनुघाट पेट्रोल सप्लाई कंपनी के सफाई कर्मचारी रामेश्वर यादव उर्फ ठुकरु की 19 मई को कार्य करने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
सूचना मिलते ही परिजन व स्थानीय रहिवासी मुआवजे को लेकर शाम चार बजे पेट्रोल पंप पहुंचे और पेट्रोल पंप को बंद करा दिया। वहीं सूचना मिलते ही गोमियां सीओ संदीप अनुराग टोपनो, थाना प्रभारी राजेश रंजन व पुलिस अवर निरीक्षक अनुज प्रसाद सशस्त्र बलों के साथ पेट्रोल पंप पहुंचे और रहिवासियों को शांत कराया।
जानकारी के अनुसार देर रात जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, स्थानीय मुखिया पार्वती देवी, मुखिया सावित्री देवी, पंसस गीता देवी, प्रशासन की ओर से सीओ, थाना प्रभारी, अवर निरीक्षक व पेट्रोल पंप संचालक आनंद माणिक की उपस्थिति में एक समझौता वार्ता हुआ।
जिसमें तय किया गया कि पम्प संचालक के तरफ से मृतक के आश्रितों को दो लाख रुपए एवं सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत बीस हजार रुपए दिया जाएगा। समझौता वार्ता के पश्चात लगभग दस बजे रात परिजन शव को पम्प से उठाने के लिए तैयार हुए।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि पेट्रोल पंप के सफाई कर्मचारी रामेश्वर यादव प्रतिदिन की तरह पंप में सुबह काम करने के लिए आया और पंप के पूरे परिसर की सफाई की। कार्य के दौरान ही वह अचेत हो गया। पंप पर कार्यरत कर्मचारियों ने स्थानीय एक निजी प्रेक्टिशनर को दिखाया।
उन्होंने कहा कि मरीज की हालत गंभीर है, इसे अविलंब अस्पताल ले जाया जाय। उसके पश्चात कर्मचारियों ने इलाज के लिए बनासो के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद उसे गोमियां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी ले जाया गया। वहाँ पर भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
इधर मृतक के परिजन अजय यादव ने बताया कि उसके दादा रामेश्वर यादव का पंप में सही ढंग से इलाज नहीं कराया गया, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।
मौके पर भाजपा नेता चितरंजन साव, मोहन नायक, विद्यानंद प्रसाद, सुधीर ठाकुर, अमन वर्मा, चित्तरंजन सिंह, टुनटुन राम, कुलदीप राम, बासुदेव यादव सहित सैकड़ों रहिवासी मौजूद थे।
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