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फिर उठा वर्ष 2007 में सीसीएल सुरक्षा कर्मी द्वारा सुरेश यादव हत्याकांड मामला

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में कथारा वस्ती रहिवासी दिवंगत सुरेश यादव के परिजनों को लंबे अंतराल के बाद न्याय मिलने की आस जगी है। मामले में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने हस्तक्षेप का आश्वासन दिया गया है।

जानकारी के अनुसार जेएलकेएम बेरमो इकाई के पदाधिकारी से संपर्क कर मृतक के परिजनों द्वारा बीते 9 जनवरी को लंबे समय से लंबित मुआवजा व नियोजन को लेकर मामले को उठाया गया।

ज्ञात हो कि वर्ष 2007 में चोरी के अंदेशे में सीसीएल कथारा क्षेत्र के जारंगडीह परियोजना के सुरक्षा प्रभारी मालदेव चौधरी द्वारा कथारा बस्ती रहिवासी सुरेश यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। तब क्षेत्र के महाप्रबंधक उमा शंकर सिंह (वर्तमान में दिवंगत) थे। आक्रोशित ग्रामीण रहिवासियों द्वारा शव को महाप्रबंधक कार्यालय सुरक्षा द्वार पर रखकर पुरे क्षेत्र का चक्का जाम कर दिया गया था। इसके बाद महाप्रबंधक सिंह द्वारा मृतक की पत्नी को डीएवी कथारा में नियोजन देने तथा मृतक के बच्चों को निःशुल्क डीएवी में शिक्षा ग्रहण कराने की सहमति दी गयी थी।

बताया जाता है कि समय पर मुआवजा और नियोजन ना मिलने के कारण मृतक सुरेश के परिवारजन हताश हो गए थे। सगे संबंधियों और आसपास के गणमान्य भी परिजनों की सुधि नहीं ली गयी। वर्तमान में जेएलकेएम अध्यक्ष जयराम महतो के कामों को देख प्रभावित परिजनों में आस जगी और उन्होंने फिर से अपने लंबित मुआवजा को लेकर जेएलकेएम बेरमो प्रखंड कार्यालय में संपर्क किया।

तब मामला जेएलकेएम द्वारा कथारा महाप्रबंधक कार्यालय में पहल शुरु किया गया। जिसे लेकर 24 जनवरी वार्ता की गयी। बताया जाता है कि कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार से वार्ता में गोमिया के पूर्व प्रत्याशी जेएलकेएम नेत्री पूजा महतो, जिला कोर कमेटी सदस्य अरुण प्रजापति, बेरमो विधानसभा प्रभारी मनोज महतो, कुलेश्वर यादव, मीडिया प्रभारी सचिन तुरी, बेरमो प्रखंड महासचिव जगदीश राय, प्रमोद पासवान, सैफ अली, बबलू तुरी आदि उपस्थित थे।

वार्ता में तत्काल आश्रित को नियोजन और दोनों बच्चों के फीस माफ करने पर रजामंदी बनी। मुआवजे को लेकर महाप्रबंधक ने अपने दायरे से ऊपर की बात कह कर ऊपरी प्रबंधन से बात कर आगामी 15 फरवरी में फिर से वार्ता करने का आग्रह किया गया।

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