एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)(Bihar)। चुनावी सभा को संबोधित करने प्रधानमंत्री के समस्तीपुर हाऊसिंग बोर्ड मैदान में 1 नवंबर को आने पर जिला प्रशासन द्वारा मथुरापुर बाजार समिति, सब्जी मंडी, जितवारपुर स्थित सी डब्लू सी आदि बंद रखने के आदेश से किसान, मजदूर, गद्दीदार समेत आम उपभोक्ता परेशान दिखे। इतना ही नहीं सप्ताहिक हाट मथुरापुर में करोड़ों रूपये का नुकसान हुआ। बंदी का प्रचार-प्रसार नहीं कराने की वजह से बड़ी संख्या में आसपास के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से साईकिल, मोटरसाइकिल, ठेला, टेम्पू, पिकअप आदि पर सब्जी लेकर आए किसान परेशान दिखें। कुछ अपने सब्जी 2 नवंबर को बिक्री हेतु गद्दी में छोड़ गए तो कुछ बर्बाद होने के डर से सब्जी वापस लेते चले गये।
गद्दीदार उमेश महतो बताते हैं कि दिन का तापमान अधिक रहने से काटा हुआ सब्जी बर्बाद हो जाएगा। गद्दीदार आनंदीलाल राय बताते हैं कि हजारों परिवार सप्ताहिक हाट की आमदनी पर निर्भर रहते हैं। मंडी बंद रहने से उन्हें भारी नुकसान हुआ। माले नेता जीवन पासवान बताते हैं कि प्रधानमंत्री के आगमन पर मंडी बंद करने का इस प्रकार का आदेश पहली वार देखा गया। यह जन विरोधी कार्रवाई है।
भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि नदी के इस पार प्रधानमंत्री का कार्यक्रम और काफी दूरी पर उस पार सब्जी मंडी स्थित है। इसे बंद रखने के आदेश को उन्होंने तुगलकी फरमान बताते हुए बंदी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस बंदी से किसानों के काटे गये सब्जी बर्बाद हुआ है। प्रशासन को इसकी भरपाई करना चाहिए। माले नेता सिंह ने कहा कि जो लोग राजनीतिक दलों के मुद्दा आधारित बंदी का विरोध करते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री के आगमन पर इस प्रकार के बंदी के आदेश का विरोध करना चाहिए।
कार्यालय संवाददाता/
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