एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)(Bihar)। समस्तीपुर जिला मुख्यालय से टीडीएम कार्यालय हटाने की साजिश के खिलाफ भाकपा माले जोरदार संघर्ष शुरू करेगी। आफिस हटाने का आदेश अगर सरकार एवं वरीय अधिकारी वापस नहीं लेते हैं तो जिलेवासी को अपने बैनर तले एकत्रित कर निर्णायक संघर्ष करने को भाकपा माले बाध्य होगी। इसकी शुरूआत वोट की गिनती 11 नवंबर के बाद की जाएगी।
इस आशय की जानकारी देते हुए चर्चित आंदोलनकारी सह भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने 24 अक्टूबर को कहा कि सरकार द्वारा अबतक राज्य में बंद पड़े चीनी मिल, पेपर मिल, जूट मिल आदि चालू तो नहीं हो पाया। उल्टे रेल कारखाना, टीडीएम आफिस हटाने की साजिश कर पहले से रोजगार कर रहे लोगों को बेरोजगार करने की जदयू- भाजपाई साजिश को भाकपा माले कामयाब नहीं होने देगी। इससे पूर्व ग्रामीण बैंक का जोनल कार्यालय समेत कई अन्य कार्यालय समस्तीपुर मुख्यालय से हटाकर यहाँ के लोगों के साथ अन्याय किया गया है।
माले नेता सिंह ने कहा कि मुख्यालय में करीब 20 वर्षों से टीडीएम कार्यालय कार्यरत है। इसमें सैकड़ों लोगों को रोजगार प्राप्त है। माले नेता ने कहा कि जिला कृषि कार्यालय को भी समस्तीपुर मुख्यालय से हटाकर अन्यत्र ले जाया जा रहा था। इसके खिलाफ जिलावासी के सहयोग से जोरदार संघर्ष चलाया गया था। फलत: जिला कृषि कार्यालय को मुख्यालय में ही रखना पड़ा। ठीक उसी तरह टीडीएम कार्यालय हटाने की कोशिश के खिलाफ भाकपा माले आंदोलन के जरीये सरकार की ईंट से ईंट बजा देगी।
उन्होंने कहा कि चुप्पा जनप्रतिनिधि के कारण रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। कल-कारखाने, उद्योग- धंधे बंद पड़े पड़े हैं। पहले से भी कार्यरत कार्यालयों को सोंची समझी साजिश के तहत धीरे-धीरे समस्तीपुर से हटाया जा रहा है। यहां के लोग बेरोजगार होते जा रहे हैं। यह सरकार का समस्तीपुर विरोधी कदम है। भाकपा माले इसे कभी भी कामयाब होने नहीं देगी।
प्रहरी संवाददाता/
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