एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो के पूर्व प्रधान जिला जज फैमिली कोर्ट अरुण कुमार चतुवेर्दी की सुपुत्री सुमेधा चतुवेर्दी का चयन बिहार न्यायिक सेवा में हुआ है। उनके चयन से नेशनल कौंसिल मेंबर अधिवक्ता रणजीत गिरि ने हर्ष व्यक्त किया है।
जानकारी के अनुसार मेघा चतुर्वेदी वर्तमान में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय गया से कानून के क्षेत्र में पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी से एलएलएम और हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रायपुर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है। पिता के पद चिन्हों पर चल कर उन्होंने 32वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता अर्जित की है।
सुमेधा का चयन यूजीसी-नेट प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में भी हुआ है। उल्लेखनीय है कि सुमेधा के दादा ने सन् 1930 में लाहौर विश्वविद्यालय से संस्कृत-आनर्स की डिग्री हासिल की थी तथा दोहरीघाट स्थित समाजसेवी संस्था गुरुकुल के संस्थापन व उत्थान में उनकी महती भूमिका थी।
सुमेधा को इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स के नेशनल कौंसिल मेंबर अधिवक्ता रणजीत गिरि ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके इस सफलता पर शुभकामनाएं पर बधाई दी है। गिरि ने कहा कि उनके इस सफलता से बोकारो का भी नाम हुआ है, क्योंकि उनकी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड से हुआ है। उनके इस सफलता पर पूरा वकील समाज गर्व महसूस कर रहा है।
गोली चलाकर दहशत फैलाने का आरोपी शाहनवाज रिहा
एक अन्य जानकारी के अनुसार बोकारो के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सृष्टि कुमारी की अदालत ने बारी-कोऑपरेटिव मोड़ पर गोली चलाकर दहशत फैलाने के आरोपी आजाद नगर रहिवासी शाहनवाज अहमद को सबूत के अभाव में रिहा कर दिया।
बताया जाता है कि सूचक ने सेक्टर 12 थाना में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी ने बारी मोड़ पर दुकानदारों से रंगदारी की मांग कर रहा है और रंगदारी नहीं देने पर गोली चलाकर दहशत फैला रहा था। विचारण के पश्चात जीआर क्रमांक 470/ 23 में न्यायलय ने आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया।
आरोपी की ओर से युवा अधिवक्ता रणजीत गिरि ने बहस करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। पुलिस बेवजह निर्दोष को अपराधी बनाने पर तुली हुई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी ने कभी भी कोई घटना को अंजाम नहीं दिया है। दोनों पक्षों का दलील सुनने के बाद न्यायलय ने आरोपी शाहनवाज को रिहा कर दिया।
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