सल्फेट प्लांट मजदूरों ने भरी हुंकार, 17-18 अप्रैल को चक्का जाम-बी. के. चौधरी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 2 अप्रैल को बोकारो इस्पात संयंत्र कोक ओवेन एन्ड कोक केमिकल व् सल्फेट प्लांट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया गया। उपरोक्त प्लांटो में कार्यरत 98 प्रतिशत मजदूरों के वेतन मे से 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक का वहां के महाप्रबंधक के दवाव मे ठेकाकर्मीयों से पैसा वापस लेने एवं अन्य मांगो को लेकर आगामी 17 एवं 18 अप्रैल को चक्का जाम आंदोलन होगा।

इसके तहत मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष सैकड़ो की संख्या मे कोक ओवेन के ठेकाकर्मीयों ने सल्फेट प्लांट मे 17 अप्रैल के प्रथम पाली प्रातः 6 बजे से 18 अप्रैल के रात्री पाली यानि 19 अप्रैल के प्रातः 6 बजे तक के लिए पूरा चक्का जाम करने को लेकर जोरदार आक्रोश प्रर्दशन कर हुंकार भरा गया।
प्रर्दशन के बाद आयोजित सभा की अध्यक्षता स्थानीय नेता और जय झारखंड मजदूर समाज युनियन के संयुक्त महामंत्री अनिल कुमार ने किया।

नेतृत्व कर रहे जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री सह झारखंड मुक्ति मोर्चा केन्द्रीय सदस्य बी के चौधरी ने अपने सम्बोधन में बोकारो स्टील प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है कि प्रबंधन अपने आँख और कान खोलकर देख ले और सुन ले कि मजदूरो का यह आक्रोश और हुंकार बता रहा है कि सल्फेट प्लांट के मजदूर अब घुट घुट कर मरने के जगह इस मंहगाई मे खुन पसीना से उपार्जित वेतन मे से एक पैसा भी नही लौटाने वाले है। इसके लिए कुछ भी करने को तैयार है।

चौधरी ने कहा कि शर्म की बात है कि जितना पैसा लौटाने के लिये ठेकेदार दबाब नहीं बनाता है, उससे कहीं ज्यादा सल्फेट प्लांट के महाप्रबंधक द्वारा दबाब बनाया जाना काफी शर्म की बात है। कहा कि विभागाध्यक्ष के साथ साथ अधिशासी निदेशक संकार्य, अधिशासी निदेशक एचआर के साथ साथ डायरेक्टर इन्चार्य के लिए भी होना चाहिए, क्योंकि सभी को पता है कि इस तरह का घिनैना काम बोकारो स्टील के सभी विभागों मे हो रहा है। खासकर सल्फेट प्लांट मे।

इसलिए मुख्य महाप्रबंधक एचआर के द्वारा सार्वजनिक रूप से अपील निकालकर मजदूरो से पैसा नही लौटाने को लेकर चर्चा किया गया। जिसे जय झारखण्ड मजदूर समाज तथा प्रभावित मजदूर घड़ियालू आँसू से इस अपील की तुलना कर रहा है। उन्होंने कहा कि बगल के सेन्टरींग प्लांट मे तो एसडब्लू हो या यूएसडब्लू सभी के भाग्य मे 50 प्रतिशत यानि ₹11000/= से ₹6000/= लौटाया जा रहा है ।

चौधरी ने कहा कि प्रबंधन को खुली चूनौती दे रहा हूँ कि इसकी सत्यता की जांच स्वतंत्र एजेन्सी से कर ले। आरोप गलत निकला तो युनियन कार्यालय मे ताला लगाकर युनियन से संन्यास ले लूँगा। फाइनल मे ईएल और बोनस मिलना जैसे भगवान का मिलने जैसा है। कहा कि सल्फेट प्लांट मे राशि नहीं लौटाने वालो का अगूआई करने वाले जो जो मजदूर 12-15 बर्षों से एसडब्लू मे काम करता रहा है, उसे एसएसडब्लू मे पास बनाया जा रहा है।

यानि एसडब्लू मे जहां ₹22000/ के आस पास वेतन मिलता था अब उसे 16000/= के आस पास वेतन मिलेगा। समय रहते प्रबंधन हड़ताल सह मांग पत्र के अनुसार सभी मांगो जैसे डी ग्रेड करने के जगह समयबद्ध प्रमोशन देकर अपग्रेड करें, आज के समय मे सभी ठेकाकर्मी स्थायी नेचर का काम कर रहा है इसलिए साईकिल एलाउन्स, रात्री पाली भत्ता, केन्टीन भत्ता, इन्सेंटिव रिवार्ड, ईएसआई से हटाये गये एसडब्लू को परिवार सहित बीजीएच मे मुफ्त ईलाज, मेडिकल जांच के माध्यम से मजदूरों के छंटनी पर रोक लगाए, पूरा सुरक्षा उपकरण दिया जाना चाहिए इत्यादि को पूरा करे।

अन्यथा कोक ओवेन के इतिहास मे काला अध्याय जोड़ने के लिए कलम कागज लेकर तैयार रहें। आम सभा के उपरांत 11 सूत्री मांग पत्र सह हड़ताल नोटिस विभागाध्यक्ष को दिया गया। कार्यक्रम मे मुख्य रूप से युनियन के संयुक्त महामंत्री अनिल कुमार, जय झारखंड मजदूर समाज के कार्यालय मंत्री आर. बी. चौधरी, एन. के. सिंह, एस. के. सिंह, सी. के. एस. मुण्डा, रौशन कुमार, तुलसी साह, आर. वी. सिंह, ए. के.आदि।

मंडल, बिनोद कुमार मोहली, रमेश्वर उराँव, हरेन्द्र लहरी, आई. अहमद, रामा रवानी, विजय कुमार साह, बालेसर राय, माणिक चन्द्र साह, राजेन्द्र प्रसाद, आशिक अंसारी, बादल कोईरी, दयाल मांझी, शशिकांत, कुमार ऋषिराज, संतोष कुमार गुप्ता, राम मांझी, ए. डबल्यू. अंसारी, जे. एल. चौधरी, दिलीप कुमार, लाल बाबू भारती आदि उपस्थित थे।

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