Advertisement

तेनुघाट व् आसपास सुहागिन महिलाओं ने की वट सावित्री पूजा

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट, सरहचिया, घरवाटांड और आस पास के क्षेत्र में पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने वट सावित्री पूजा की।

जानकारी के अनुसार सुहागिनो ने इस अवसर पर 16 श्रृंगार कर बरगद के पेड़ के चारों ओर फेरे लगाकर अपने पति के दीर्घायु होने की प्रार्थना की तथा परंपरा के अनुसार विधिवत तरीके से पूजा अर्चना की। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां सावित्री ने यमराज के फंदे से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी। भारतीय धर्म में वट सावित्री पूजा स्त्रियों का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे करने से हमेशा अखंड सौभाग्यवती रहने का आशीष प्राप्त होता है।

कहा जाता है कि जब सावित्री यमराज से अपने पति के प्राणों को वापसी को लेकर यमराज के पीछे गई थी, उस समय वट वृक्ष ने सत्यवान के शव की देख-रेख की थी। इसके उपरांत पति के प्राण वापस लौटने पर सावित्री ने वट वृक्ष का आभार व्यक्त करने के लिए उसकी परिक्रमा की। इसलिए वट सावित्री व्रत में बरगद वृक्ष की परिक्रमा का भी नियम है।

इस अवसर पर विभिन्न हिस्सों में महिलाएं विधि संवत तरीके से पूजा अर्चना करती दिखी। इस वर्ष वट सावित्री की पूजा भी दो दिन होने के कारण सुहागिनों के लिए काफी परेशानियों का सबब रहा। एक ही गांव एक ही पंचायत अलग अलग दिन महिलाएं पूजा करते नजर आए। जहां कुछ महिलाओं ने 26 मई को पूजा की, वहीं कुछ सुहागिने 27 मई को पूजा करेंगी।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *