सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। विश्व रक्तदान दिवस (World Blood Donor day) के पूर्व अवसर पर 13 जून को पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में नोआमुंडी महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं द्वारा रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने और उत्साह बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
नाटक के माध्यम से छात्रों ने बतलाया कि रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किए गए रक्तदान से बहुत से जरूरतमंद लोगों की जान बच सकती है।
नुक्कड़ नाटक में कलाकारों द्वारा रक्तदान को महादान के रूप में दिखाया गया। कहा गया कि आपका यह दान किसी इंसान की जान बचा सकता है। मगर लोग इस बात को लेकर आज भी जागरूक नहीं हैं।
नाटक के माध्यम से रक्तदान के प्रति समाज में फैले भ्रांति को दूर करने का प्रयास किया गया। मात्र 10 मिनट तक चलने वाला यह नाटक अपने समापन के साथ उपस्थित दर्शकों (छात्र- छात्राओं) के मस्तिष्क में एक अमिट छाप छोड़ गया।
नाटक समाप्ति के बाद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मनोजित विश्वास ने कहा कि रक्तदान से किसी की जिंदगी बच जाती है। इससे बड़ा धर्म और कर्म क्या हो सकता है।
उन्होंने इस नाटक के निदेशक छात्र रंजन साहू को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की जागरूकता फैलाने संबंधी नुक्कड़ नाटकों का मंचन स्कूलों और कॉलेजों के अतिरिक्त गांव- शहरों की गलियों और चौराहों पर भी आयोजित की जानी चाहिए, ताकि आमजन रक्त का महत्व एवं इसकी आवश्यकता को समझ सके।
प्राचार्य ने इस तरह के नाटक का मंचन महाविद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय स्तर में भी करवाने की बात कही। नाटक में छात्र कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदार बखूबी निभाए।
इसमें दिव्या रानी, भूमिका सिंह, विनीता कुमारी, रंजीता कुमारी, नेहा यादव, परी गोप, राज गुप्ता, रोशन कुमार, शिवा गोप, अमित कुमार, शिबू नायक, पवन गोप आदि महत्वपूर्ण भूमिका में थे। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य सहित साबिद हुसैन, मुकेश कुमार सिंह, चैतन्य बेहरा, नरेश पान, भवानी कुमारी, लक्ष्मी मोदक, तन्मय मंडल आदि उपस्थित थे।
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