टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट लिमिटेड को 48 घंटे में 20 लाख का नुकसान
प्रहरी संवाददाता/जमशेदपुर (झारखंड)। टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट लिमिटेड द्वारा ट्रांसपोर्टिंग कार्य में लगे वाहनों के परिचालन को बीते एक नवंबर से रोक दिया गया है। कंपनी द्वारा ट्रांसपोर्टिंग रोकने के कारण पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंडी तथा बड़ाजामदा क्षेत्र में खलबली मची है।
इस संदर्भ में रेलवे विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि अगर 2 नवंबर एवं 3 नवंबर के रैक इंडेन करने के बाद 2 दिन का रेलवे रैक का डैमेज करीब 20 लाख रुपए का नुकसान अब तक 48 घंटे में टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट लिमिटेड को हो चुका है।
क्षेत्र के समाजसेवी अरविंद चौरसिया ने बताया कि वर्तमान में ट्रांसपोर्टरों के प्रति टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट लिमिटेड की सोंच सकारात्मक होनी चाहिए। चौरसिया के अनुसार 15 साल की गाड़ियों से ट्रांसपोर्टिंग को एकाएक रोकना गरीब ड्राइवर एवं खलासी के पेट पर लात मारने के समान है।
उन्होंने कहा कि अकस्मात 10 साल तक की गाड़ी चली गाड़ी को ही ट्रांसपोर्टिंग में लगाया जा सकता है। सरकारी आदेश का हस्तक्षेप हर दृष्टिकोण से ट्रांसपोर्टिंग के कार्य में लगे श्रमिकों के लिए दुखद एवं चिंतनीय है।
बताया जाता है कि 250 भारी वाहनों के ड्राइवर एवं खलासी की आर्थिक स्थिति टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट लिमिटेड कंपनी ने खास्ताहाल कर दिया है। जनहित एवं क्षेत्र की समस्या को देखते हुए सरकार के अनुमति को मान्य मानते हुए ट्रांसपोर्टिंग कार्य को पुनः अविलंव प्रारंभ करने के प्रति टीएसपीएल कंपनी को निर्णय लेना चाहिए।
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