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लालू परिवार की राजनीति को लेकर वैशाली जिले में हलचल तेज

गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान आगामी 6 नवंबर को होने वाला है। विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैशाली जिले में लालू परिवार की राजनीति के भीतर की हलचल और खुलकर सामने आ रही है।

महागठबंधन के मुख्यमंत्री प्रत्याशी तेजस्वी यादव जो पूर्व मुख्यमंत्री लाल यादव के छोटे पुत्र हैं तथा वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। तेजस्वी पर पूरे बिहार के महागठबंधन प्रत्याशी को विजयी बनाने की जवाब देही है, जिस वजह से तेजस्वी अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के लिए उपलब्ध नहीं है।

राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जिन्होंने राजद से निष्कासित होने पर अपना एक नया राजनीतिक दल जनशक्ति जनता दल बनाया है और वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से महागठबंधन के प्रत्याशी राजद के वर्तमान विधायक मुकेश रोशन चुनाव लड़ रहे हैं। तेजस्वी के नामांकन में जहां लालू यादव सहित पूरा परिवार खड़ा था, वहीं तेज प्रताप के नामांकन में परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं था। तेज प्रताप अपने बल पर महुआ विधानसभा चुनाव में जनता के बीच जाकर अपनी बात रख रहे हैं। साथ ही तेज प्रताप पूरे बिहार में 40 से अधिक सीटों पर अपना प्रत्याशी खड़ा किया है। जहां अपने प्रत्याशियों के समर्थन में जाकर उन्हें वोट देने की जनता से अपील कर रहे हैं।

तेज प्रताप ने राघोपुर से अपने पार्टी जनशक्ति जनता दल की ओर से अपने भाई राजद के तेजस्वी के खिलाफ प्रेम कुमार यादव को प्रत्याशी बनाया है। अभी तक तेज प्रताप राघोपुर में तेजस्वी के खिलाफ प्रचार में नहीं गए हैं और न हीं तेजस्वी महुआ में महागठबंधन प्रत्याशी के प्रचार में अभी तक आए हैं।
इस संदर्भ में तेज प्रताप का कहना है कि यदि तेजस्वी हमारे क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए आते हैं तो वे भी राघोपुर में अपने प्रत्याशी के चुनाव के लिए जाएंगे।

राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवार प्रेम कुमार यादव ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। प्रेम कुमार का कहना है कि वह इस सीट के स्थानीय रहिवासी हैं। जबकि, तेजस्वी बाहरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी का जनता से संपर्क कमजोर है और वे जमीन से कट चुके हैं।

तेज प्रताप के समर्थित उम्मीदवार प्रेम कुमार ने 31 अक्टूबर को प्रेस वार्ता में कहा कि हम जनता के बीच से आते हैं। मैं पहले तेजस्वी यादव की पार्टी में था, लेकिन अब नहीं हूं। क्योंकि वहां आम कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं होती। तेजस्वी के चारों ओर धनबल और चापलूसों का घेरा है। बताया जाता है कि प्रेम कुमार स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों और युवाओं के बीच सक्रिय चेहरा रहे हैं। वे लंबे समय से रोजगार, शिक्षा और किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन करते रहे हैं।

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