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स्थापना दिवस पर बोकारो में भाकपा माले का राज्य स्तरीय जन कन्वेंशन संपन्न

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। भाकपा माले के स्थापना दिवस पर 22 अप्रैल को बोकारो के सेक्टर टू स्थित कला केंद्र में राज्य स्तरीय जन कन्वेंशन का आयोजन किया। कन्वेंशन का मुख्य उद्देश्य निजीकरण, भूमि लूट के खिलाफ संघर्ष, विस्थापितों को न्याय और स्थानीय रहिवासियों को सुरक्षित रोजगार की मांग को लेकर आवाज़ बुलंद करना था।

इस अवसर पर क्षेत्र के सामाजिक व् राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े दर्जनों संगठनों ने भाग लिया। अध्यक्षता पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की, जबकि संचालन भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद ने किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता भाकपा माले महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जन कन्वेंशन में आने से पहले वे शहीद प्रेम महतो के घर गये।

कहा कि 23 वर्षीय प्रेम महतो बी.टेक डिग्रीधारी और अप्रेंटिसशिप का अनुभव रखने वाले युवा थे, जो रोजगार के लिए संघर्षरत थे। लेकिन उन्हें रोजगार के बदले सिर पर लाठी और अंततः मौत मिली। कॉ भट्टाचार्य ने कहा कि फासीवादी ताकतें न्याय की लड़ाइयों को धर्म, मजहब, भाषा और स्थानीयता में बांट रही हैं। यदि हमें न्याय चाहिए, तो हर अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठानी होगी। संविधान को टुकड़ों में नहीं देखा जा सकता। आरक्षण, अल्पसंख्यकों की धार्मिक आज़ादी और आम जनों के अधिकार एक-दूसरे से जुड़े हैं।

उन्होंने वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर कहा कि वक्फ का सवाल केवल मुसलमानों का नहीं है, यह भूमि अधिकारों से जुड़ा बड़ा सवाल है। कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री अपनी डिग्री नहीं दिखाते, तो जनता से सैकड़ों वर्षों से काबिज़ ज़मीन का कागज़ क्यों मांगा जा रहा है? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और उसकी गरिमा पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को सुपर पार्लियामेंट बताकर उसकी खिल्ली उड़ाना और उसके मुख्य न्यायाधीश को धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। कॉ भट्टाचार्य ने रोहित वेमुला और प्रेम महतो जैसे युवाओं को युवा आइकन के रूप में स्थापित करने की बात कही और बुलडोजर राज को फासीवाद का प्रतीक बताया।

जन कन्वेंशन में अर्थशास्त्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता ज्याँ द्रेज ने कहा कि देश को हिंदुत्व नहीं, बंधुत्व की ज़रूरत है। भाजपा साम्प्रदायिक फासीवाद की राजनीति कर मजदूर वर्ग की एकता को कमजोर करना चाहती है। भाकपा माले बदलाव की राजनीति करती है, इसलिए वे माले के साथ हैं।

इस अवसर पर जन कन्वेंशन को माकपा राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, भाकपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य लखन लाल महतो, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, सामाजिक कार्यकर्ता सिराज दत्ता, सहारा आंदोलनकर्मी नागेंद्र कुमार कुशवाहा, रसोईया संगठन की राज्य सचिव गीता आदि ने संबोधित किया। वहीं भाकपा माले के 7वें राज्य सम्मेलन के मुख्य पर्यवेक्षक और बिहार विधान परिषद के सदस्य शशि यादव भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

जन कन्वेंशन में बीएसएल अप्रेंटिस विस्थापित आंदोलन में शहीद प्रेम महतो के भाई प्रशांत महतो, भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य आनंद महतो, हलधर महतो, शुभेंदु सेन, भुवनेश्वर केवट, दिलीप तिवारी, राजेंद्र गोप, बी एन सिंह, पुरण महतो, आर डी मांझी, विकास सिंह, भुनेश्वर बेदिया आदि शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन पर भाकपा माले बोकारो जिला सचिव कॉ देवदीप सिंह दिवाकर ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।

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