
घटना में पीड़ितों को न्याय दिलाने को लेकर आईजी कार्यालय का घेराव करेगा इंसाफ मंच
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद (Vice president) के नेतृत्व 6 सदस्यीय टीम आधारपुर ट्रिपल मर्डर की घटना की जांच करने 28 जून को आधारपुर पहुँची। टीम में ऐपवा की समस्तीपुर जिलाध्यक्ष वंदना सिंह, आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संदीप कुमार, इंसाफ मंच के दरभंगा जिलाध्यक्ष सैयद अकबर रज़ा, समस्तीपुर इंसाफ मंच के जिला सचिव डॉ खुर्शीद खैर, समस्तीपुर इनौस के जिला सचिव आसिफ होदा शामिल थे।
जांच टीम ने मृतक शिक्षका सनोबर खातून और मृतक अनवर के परिजनों से मुलाकात कर इस पूरे घटना की जानकारी लिया। जांच के दौरान मृतक शिक्षका की बेटी नुसरत प्रवीण ने बताया कि इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन एकतरफा कार्यवाई कर रही है। पीड़ित छात्रा ने कहा कि उसकी माँ को और हम दोनों बहनों को लोहे के रॉड के बेहरमी से मारपीट की गई। दिन दहाड़े माँ का कपड़ा फाड़ा गया।
हिंसात्मक भीड़ के द्वारा सड़क पर मां को अर्धनग्न करके घुमाया और पानी मे डुबो-डुबोकर मार दिया गया। पीड़िता ने बताया कि इसी क्रम में माँ को बचाने के लिए उसका चचेरा भाई अनवर आया तो उसे भी जान से मार दिया गया। पीड़िता के अनुसार पूरी घटना को पुलिस के मौजूदगी में अंजाम दिया गया और पुलिस कारवाई करने के बजाएं इस पूरे उत्पात को मुख्यदर्शक बनकर देखते रही। मृत शिक्षिका की पुत्री ने बताया कि हमलोगों को बेहरमी से पिटाई की गई उत्पातियों द्वारा हमलोगों के साथ अभद्रता के साथ छेड़छाड़ भी किया गया।
हमारी मांग है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और हमारी मां और भाई के हत्यारों को गिरफ्तार करें। हम चाहते है कि हमको न्याय मिलें।
रहिवासियों ने टीम को बताया कि इस इलाके में आएं दिन मारपीट की आपराधिक घटनाएं होती रहती है। दिन- दहाड़े अपराधी बैखोफ गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देते हैं, और पुलिस मुख्यदर्शक बनकर देखती रहती है। जांच टीम में शामिल इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि इस पूरे मामले में मृतक श्रवण के समर्थकों के सामूहिक भीड़ ने खुलेआम पुलिस की मौजूदगी में उत्पात मचाया और महिलाओं के साथ बर्बरता और सामूहिक छेड़छाड़ किया गया।
साथ ही घर और ग्राहक सेवा केंद्र को आग के हवाले कर दिया गया। मृतक के परिजन काफी डरे-सहमे हुए हैं। इलाके में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि जांच के क्रम में पाया गया कि भय के कारण कई घरों के लोग गांव छोड़कर दूसरे जगह चले गए हैं। घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के द्वारा इस पूरे मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले पर स्थानीय पुलिस से लेकर आईजी तक उदासीन रवैया अपना रहे हैं जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यहां खुलेआम पुलिस के द्वारा अपराधियों को सह दिया जा रहा है। इलाके में इतनी बड़ी शर्मनाक घटना होने के वावजूद स्थानीय सांसद-विधायक की चुप्पी भी बेहद शर्मनाक है।
अगर तत्काल इस पूरे मामले पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो आनेवाले दिनों में मृतक शिक्षिका, श्रवण राय एवं अनवर के परिजनों को न्याय दिलाने की मांगों को लेकर पीड़ित परिवारों के साथ इंसाफ मंच के बैनर तले आईजी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
जांच टीम में शामिल ऐपवा की समस्तीपुर जिलाध्यक्ष वंदना सिंह ने कहा कि दिन-दहाड़े किसी महिलाओं को अर्धनग्न करके सड़क पर घुमाना, उसके कपड़े को फाड़ देना और उसके साथ बेहरमी से मारपीट और छेड़छाड़ की घटना ने इस इलाके को शर्मशार कर दिया है।
और ये सब पुलिस की मौजूदगी में होना यह दर्शाता है की इस परिघटना में पुलिस की भी मिलीभगत है। जांच के क्रम में मृतक के परिजनों ने बताया कि मृतक श्रवण के समर्थकों द्वारा महिलाओं के साथ सामूहिक छेड़छाड़ भी किया गया। जांच टीम ने तिहरे मर्डर केस की न्यायिक जांच की मांग सरकार से की है।
![]()












Leave a Reply