एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। इमेज आर्ट सोसाइटी द्वारा बिहार कू राजधानी पटना में आयोजित दो दिवसीय नाट्योत्सव रंग-उल्लास के प्रथम दिवस 6 दिसंबर की सन्ध्या नवीनतम नाट्य प्रस्तुति एक अजीब दास्तान का मंचन किया गया।
कलाकार साझा संघ सचिव सह रंग-उल्लास के मीडिया प्रभारी मनीष महीवाल के अनुसार प्रयास रंग अड्डा पटना में आयोजित नाट्योत्सव में प्रस्तुत नाटक एक अजीब दास्तान के लेखक जनाब अख़्तर अली एवं निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी शुभ्रो भट्टाचार्य के किया है।
महीवाल के अनुसार इस नाट्य प्रस्तुति में समाज के प्रति व्यक्ति की बेचैनी एवं छटपटाहट को गम्भीरतापूर्वक उकेरा गया है। कथासार में आरोपी का मानना है कि वर्तमान समाज में कुछ भी सही ढंग से नहीं हो रहा है। इसका ज़िम्मेदार स्वयं ईश्वर है। इसलिए आरोपी ने अपने हाथो से ईश्वर की हत्या कर दी है और खुद ही कानून के सामने आत्मसमर्पण भी कर दिया है। आरोपी का कहना है कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसलिए उसने इस महान कार्य को करने का साहस किया है जिसके लिए उसे सरकार द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
महीवाल ने बताया कि प्रस्तुत नाटक में कानून द्वारा आरोपी पर मुकद्दमा चलाया जाता है तथा आरोपी अपना केस अदालत में स्वयं लड़ता है। सरकारी वकील मामले को समझते हुए नाटक के अन्त में यह साबित करने में सफल हो जाता है कि आरोपी विभिन्न नकारात्मक परिस्थितियों एवं घटनाओं के कारण मानसिक संतुलन खो बैठा है और ज़बर्दस्त भ्रम का शिकार हो गया है। अतएव अन्त में आरोपी को कानून एवं अदालत द्वारा निर्दोष घोषित कर बाइज़्ज़त बरी कर दिया जाता है।
उक्त नाटक में भाग लेने वाले कलाकारों में मंच पर आरोपी-धीरज कुमार, वकील-प्रिंस राज, जज-प्रियांसु कुमार, संतरी-राजन कुमार व् राजीव रंजन केसरी, जबकि मंच से परे (नेपथ्य कर्मी) नाटक के लेखक-अख़्तर अली, प्रकाश-रवि बबलू, सेट-मिथिलेश सिंह, पूर्वाभ्यास एवं मीडिया प्रभारी- मनीष महिवाल, प्रस्तुति-इमेज आर्ट सोसाइटी, वस्त्र-विन्यास-अजीत गुज्जर, मेकअप-प्रिंस राज, परिकल्पना एवं निर्देशन-शुभ्रो भट्टाचार्या उपस्थित थे। महीवाल ने बताया कि रंग – उल्लास के द्वितीय दिवस 7 दिसंबर को इसी मंच पर अंज़ारुल हक़ द्वारा निर्देशित नाटक वैष्णव एवं शुभ्रो भट्टाचार्य निर्देशित नाटक मरणोपरान्त का मंचन किया जाएगा।
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