अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। अयोध्या धाम के सुप्रसिद्द द्वारकाधीश मंदिर, अयोध्या धाम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी सूर्यनारायणाचार्य महाराज ने 29 जनवरी को सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर के साधु गाछी में अमृत वाणी से श्रद्धालुओं को प्रभावित कर दिया।
स्वामी सूर्यनारायणाचार्य ने सोनपुर की पावन धरती पर कहा कि श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम दिव्य देश की स्थापना से सनातन धर्म का धर्म ध्वज चतुर्दिक फहरा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब गोलोकवासी त्रिदंडी स्वामी की कृपा एवं जगद्गुरु स्वामी लक्ष्मणाचार्य द्वारा किया गया है, जिससे यह वैष्णव धर्म का एक जीवंत आध्यात्मिक पीठ बन चुका है।
स्वामी सूर्यनारायणाचार्य जी महाराज ने एक विशेष भेंट में कहा कि वे भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या से जहां द्वारकाधीश विराजते हैं आए हैं। उन्होंने कहा कि हरिहर क्षेत्र में स्थित इस मंदिर को गजेंद्र मुक्ति धाम माना जाता है, जहां आमजन कष्ट मुक्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए आते हैं।
विदित हो कि सोनपुर में 31 जनवरी 1999 को स्थापित श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम (नौलखा मंदिर) से क्षेत्र का आध्यात्मिक परिदृश्य बदल गया है। द्रविड़ शैली में निर्मित यह मंदिर दक्षिण भारतीय संस्कृति का अनुपम उदाहरण है, जिससे यहां तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी है। नियमित धार्मिक अनुष्ठान गजेंद्र मोक्ष पाठ से स्थानीय आस्था को बल मिलता है।
उन्होंने बताया कि संप्रदाय की दृष्टि में यह मंदिर प्रपत्ति (पूर्ण शरणागति) का जीवंत प्रतीक है। जैसे गजेंद्र ने असहाय होकर भगवान को पुकारा और प्रभु तुरंत सहायता के लिए आए। कहा कि वैसे ही भक्त यहां भगवान की अहैतुकी कृपा का अनुभव करते हैं। यहां पारंपरिक श्रीवैष्णव विधि-विधान और पाञ्चरात्र आगम के अनुसार पूजा पद्धति लागू है।
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