अप्रैल से जुलाई के बीच चार महीनों की है यह उपलब्धि
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। रेलवे की पटरी पर सिर्फ गाड़ियां ही नहीं दौड़ती, वहां जिम्मेदारी, अनुशासन और सतर्कता भी लगातार गतिमान रहती है। कुछ ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी लिखी है पूर्व मध्य रेलवे के हद में अवस्थित सोनपुर मंडल ने। सोनपुर रेल मंडल ने इस वर्ष केवल अप्रैल से जुलाई माह के बीच टिकट जांच के जरिए ₹20.57 करोड़ का राजस्व अर्जित कर एक मिसाल कायम की है।
सोनपुर मंडल के रेल सूत्रों के अनुसार यह उपलब्धि कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रौशन कुमार की सशक्त निगरानी, दूरदर्शी नेतृत्व और उनकी टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है। हर दिन जब आम यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना होता है, उस समय सोनपुर मंडल की टिकट जांच टीमें चुपचाप परिश्रम में जुटी होती हैं। इस क्रम में कभी स्टेशन पर, कभी ट्रेन में औचक टिकट जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेल यात्रियों का हर यात्रा नियम के अनुरूप हो।
बताया जाता है कि वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश के आलोक में अप्रैल से यह अभियान और तेज़ हो गया है। टीम ने अबतक 66,780 मामलों में अनियमित यात्रियों पर कार्रवाई की और ₹4.35 करोड़ की आय अर्जित की। मई में 61,565 मामलों से ₹4.36 करोड़ का राजस्व हासिल किया जा सका। वहीं जून माह में टिकट जांच अभियान ने रफ्तार पकड़ ली। कुल 1,01,517 मामलों में कार्रवाई कर ₹7.18 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली की गयी है। इसके बाद भी जुलाई में भी टीम थमी नहीं, बल्कि 79,136 मामलों में कार्रवाई कर ₹4.67 करोड़ का राजस्व वसूली का अमूल्य योगदान किया है।
इस प्रकार कुल चार महीनों में 3,09,998 मामलों की जांच से जो ₹20.57 करोड़ राजस्व की आय हुई, यह न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि यह रेलवे की कार्य संस्कृति और प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है। सोनपुर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रौशन कुमार ने इस सफलता पर 31 जुलाई को कहा कि यह केवल टिकट चेकिंग नहीं, बल्कि एक अनुशासन निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने जो निष्ठा और साहस दिखाया है, वह सराहनीय है। आने वाले समय में भी इसी समर्पण के साथ अभियान जारी रहेंगे।
ज्ञात हो कि, उनके नेतृत्व में टिकट निरीक्षकों की टीमें न सिर्फ टिकट चेकिंग करती हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती हैं कि रेलवे की गरिमा बनी रहे और हर यात्री को सुरक्षित, व्यवस्थित सेवा मिले। उन्होंने रेल यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें। यह न सिर्फ नियम है, बल्कि राष्ट्रहित में रेल यात्रियों की जिम्मेदारी भी है।
![]()













Leave a Reply