एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। वर्ल्ड बैंक (World Bank) के छह सदस्यो की टीम ने 30 मार्च को बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में सीसीएल (CCL) के ढोरी और बीएंडके क्षेत्र का दौरा किया। माइंस का दौरा नेशनल फ्रेमवर्क ऑफ माइंस क्लोजर जस्ट ट्रांजैशन प्रोजेक्ट के तहत किया गया।
जानकारी के अनुसार माइंस के दौरे के पूर्व वर्ल्ड बैंक की टीम चपरी रेस्ट हाउस में एसीसी (ACC) सदस्यों के साथ बैठक कर माइंस के कार्य को जाना। टीम में आए सदस्यों ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत कोयला उद्योग के प्रत्येक क्षेत्रों में दौरा किया जायेगा।
झारखंड में भी किया जा रहा है। झारखंड में हमारी टीम (Teem) ने बोकारो जिले को चुना है। टीम द्वारा कहा गया कि कहा कि कोल माइंस (Coal Mines) जब बंद हो जाती है, तब इसके आसपास का जीवन कैसा होगा।
इस पर कुछ लोगों के द्वारा स्टडी कर रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपा जाएगा। कहा कि पूरे देश में 50 से 52 जिले में चलाया जायेगा। छह सदस्यीय टीम में माइकल स्टेलनी सहित उनके टीम के कई लोग शामिल थे।
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