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भटके युवा को घर पहुंचाने में जेएसएलपीएस की दीदियों ने निभाई मानवीय जिम्मेवारी

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में बड़ानंदा जगन्नाथपुर के समीप बीते 22 अक्टूबर को एक नाबालिग युवा रास्ता भटककर दुकान के समीप सड़क किनारे बैठा मिला। तभी वहां से गुजर रहे टीआरआई कंपनी के दीपक कुमार ने बच्चे को देखकर उसकी मदद की और कोटगढ़ पंचायत भवन ले गये।

बताया जाता है कि पूछताछ में उक्त युवा ने अपना नाम सुकराम बुढ़मा (उम्र लगभग 12–15 वर्ष) बताया। साथ हीं उसने कहा कि वह मनोहरपुर प्रखंड के हद में छोटा नागरा पंचायत के तेंतलीघाट बहदा रहिवासी है।

इसकी सूचना जेएसएलपीएस के कोटगढ़ जीजेसी केंद्र को दी गई। केंद्र की पैरा लीगल वालंटियर्स सावित्री नायक ने भटके युवा की काउंसलिंग की। बच्चे ने बताया कि वह जमशेदपुर से तीन दिन से भूखा-प्यासा पैदल चलकर यहां पहुंचा है। परिजनों से संपर्क करने में टीआरआई की सुष्मिता दीदी ने मदद की, जबकि जेएसएलपीएस की मैंजती, कुसुम और जेमा दीदी ने उसे सरवाई में उसके रिश्तेदार के पास पहुंचाने में सहयोग किया।

बताया जाता है कि उक्त बच्चा भूख प्यास के कारण बीमार था, इसलिए जेएसएलपीएस दीदियों ने उसे भोजन, पानी और दवा उपलब्ध कराई। अगले दिन 23 अक्टूबर को परिजन के नहीं आने पर बच्चा घर जाने की जिद करने लगा। पैरा लीगल सावित्री दीदी ने टीएसएफ सदस्य चंदन मिश्रा से संपर्क किया। उन्होंने तत्काल वाहन की व्यवस्था कर बच्चे को सुरक्षित उसके गांव भेजा। जेएसएलपीएस की दीदियों और अधिकारियों की तत्परता से भटका हुआ बच्चा सुरक्षित अपने घर लौट सका। ग्रामीणों ने इस मानवीय कार्य के लिए उपरोक्त के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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