एस. पी. सक्सेना/बोकारो। शौर्य दिवस हम बहुजनों का वो इतिहास है जिसे जानना हम सभी कों बहुत जरुरी है। जो कौंम अपना इतिहास नहीं जानती वो कभी इतिहास नहीं बना सकती। यह वक्तव्य बाबा साहब डॉ भीम राव अंम्बेदकर की है। उक्त बातें दुग्दा में भीम आर्मी बोकारो जिलाध्यक्ष गोवर्धन रविदास ने कही।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव स्थित भिमा नदी किनारे 1 जनवरी सन 1818 को हड्डीयों कों कंपकपा देने वाली कड़ाके की ठंड मे भूखे प्यासे मात्र 500 महार सैनिकों ने 28000 पेसवाई सैनिकों कों गाजर मूली की तरह काट डाला और बेरहम अमानवीय पेसवाई मार्शल लॉ को ख़तम कर दिया था।
उन्होंने बताया कि 205वां शौर्य दिवस एवं झारखंड के खरसांवां में हुई गोलीकांड मे शहीद हुए लोगों की याद मे भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) बोकारो जिला कमिटी और चंद्रपुरा प्रखंड कमिटी के द्वारा दुग्दा गोलाई अम्बेडकर विचार मंच क्लब मे अपने पूर्वजो के याद मे एक सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता भीम आर्मी बोकारो जिलाध्यक्ष गोवर्धन रविदास तथा सभा का संचालन अंम्बेदकर विचार मंच के संयोजक विश्वनाथ दयाल राम ने किया।
इस अवसर पर सभा के मुख्य अतिथि भीम आर्मी झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभुनाथ बौद्ध, मुख्य वक्ता मुकेश रंजन, विशिष्ठ अतिथि दलित शोषित मुक्ती मंच के बोकारो जिलाध्यक्ष मनोज पासवान तथा प्रेम पासवान ने शहिद सुरविरों को नमन कर श्रद्धजलि देकर बाबा साहब के चित्र और प्रतिमा पर फुल माला चढाकर कार्यक्रम की शुरूआत किया।
सभा मे मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष धरम घासी, जिला मिडिया प्रभारी मनोज दास, चंद्रपुरा प्रखंड प्रभारी शशी कुमार, मनसुख कालिंदी, फुसरो नगर सचिव बिट्टू कुमार घासी, प्रेम शंकर पासवान, मुकेश कुमार राजन, मनोज कुमार पासवान, संतोष कुमार राम, मनोज कुमार दास, छोटन दास, जीतेन्द्र राम, शशि कुमार दास, रोहित दास, विजय कुमार पासवान आदि उपस्थित थे।
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