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वर्षों से पीड़ित श्रमिक शंकर सिंह ने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की

न्याय नहीं मिलने पर सरकार से आत्मदाह करने की अनुमति मांगी
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में सीसीएल के कथारा कोलियरी में टेंडल कैटेगरी 5 के पद पर कार्यरत शंकर सिंह जो लकवा रोग से पीड़ित होने के कारण 1 दिसंबर 2015 से इलाजरत है। साथ ही 1 दिसंबर 2015 से आज तक सीक में है। 6 वर्षों से लगातार बेड पर नारकिए जीवन जीने को विवश एवं लाचार हैं।

शंकर सिंह प्रबंधन को पत्र प्रेषित कर एनसीडब्ल्यू 10 के समझौता के अनुरूप 9:4:0 के तहत अपने आश्रित पुत्र को नौकरी देने के लिए आवेदन दिया है, लेकिन प्रबंधन द्वारा आज तक इसके मामले का किसी भी प्रकार का कोई दिलचस्पी न लेते हुए मामला को लटकाए रखा है।

उक्त जानकारी मजदूर संगठन राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने दी। सिंह ने कहा कि बोर्ड के माध्यम से बीमार मजदूर शंकर कार्य करने लायक है अथवा नहीं इसका सत्यापन किया जाना चाहिए था, लेकिन सीसीएल प्रबंधन की हठधर्मिता के आगे सारे नियम कानून बौने पड़े हैं। इस परिस्थिति में पीड़ित कर्मचारी तथा उसके परिजन प्रबंधन के गलत रवैया से लाचार एवं विवश है।

उन्होंने कहा कि शंकर सिंह की पीड़ा इस प्रकार है कि जीते जी जीवन नरक बना हुआ है। लगभग 6 वर्ष तक परिजन भी परेशान हैं। आर्थिक संकट का सामना भी है। संपूर्ण उचित इलाज भी नहीं हो पा रहा है। प्रबंधन को लगातार अपनी पीड़ा से अवगत कराते हुए बेवसी की हालत में न्याय की गुहार शंकर सिंह द्वारा हमेशा लगाया जाता रहा है।

सिंह ने कहा कि जहां एक और प्रबंधन जेबीसीसीआई में बैठक कर नीति निर्धारण तय करता है। वहीं उसकी अवहेलना भी स्वयं करता है। ऐसे संशय की स्थिति में कोल इंडिया में हजारों की तादाद में श्रमिक अपने अधिकार से वंचित पड़े हैं। शंकर सिंह ने न्याय के लिए पूर्व में भी प्रबंधन को पत्र प्रेषित कर अपनी स्थिति और परेशानी का जिक्र किया है लेकिन प्रबंधन द्वारा इंसाफ नहीं मिल पाया।

अंत में शंकर सिंह ने निर्णय लिया है मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही न्याय नहीं मिल पाने की स्थिति में इच्छा मृत्यु के लिए आत्मदाह करने की इजाजत मांगी है। शंकर सिंह द्वारा पत्र की प्रतिलिपि सभी जेबीसीसीआई के सदस्य तथा बेरमो के युवा विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह को देकर न्याय दिलाने के लिए निवेदन किया है।

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