एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सर्किट हाउस बोकारो में 27 अक्टूबर को तिरुपति संस्था के सजौन्य से डायन प्रथा पर सेमिनार का आयोजन किया गया। आशा और झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की तरफ से आशा संस्था के फाउंडर अजय कुमार की अध्यक्षता में उक्त सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिला मुख्यालय बोकारो के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) कुलदीप कुमार ने कहा कि कुछ समाज की कुरीतियां है जिस पर अंकुश लगाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता एनजीओ को आगे आने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि डायन विसाही अहिंसा को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन बराबर तत्पर रहती है, परंतु पुलिस प्रशासन तक यह बातें जल्दी पहुंच नहीं पाती है। जब घटना का अंजाम हो चुका होता है तब पुलिस को जानकारी मिलती है।
इसके पहले गांव में इसके प्रति कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं होता है।सू देने वाले को भी अक्सर डर बना रहता है कि कहीं मैं इसका विरोध या इसे बाहर बात को सूचना देता हूं और गांव वालों को पता चलता है तो हमारा भी हत्या किया जा सकता है।
तिरुपति संस्था की सचिव संगीता तिवारी ने कहा कि डायन प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता अभियान की जरूरत है। गरीबी और अशिक्षित होना इस प्रथा के लिए अभिशाप है।
मौके पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) ममता साह, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शंकर रवानी, सदस्य प्रगति शंकर, एडवोकेट प्रीति कुमारी, रोहित ठाकुर, तिरुपति संस्था की कोषाध्यक्ष सुनिता देवी, आदि।
अध्यक्ष शैला मनोरमा खलखो, एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ वर्ल्ड के प्रदेश अध्यक्ष पी एन तिवारी, जय शर्मा, राजकुमारी किन्नर, राजेश्वर प्रसाद, अकील महतो, इस्लाम अंसारी, दीपक कंडुलन, विक्टर, विशाल, फ्रांसीस आदि उपस्थित थे।
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