एस. पी. सक्सेना/बोकारो। राष्ट्रीय सेवा योजना, वीमेन सेल एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में विश्व एड्स दिवस पर एक दिसंबर को बोकारो जिला के हद में जारंगडीह स्थित के. बी. कॉलेज बेरमो में सेमिनार का आयोजन किया गया। अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. गोपाल प्रजापति ने की।
जानकारी के अनुसार कॉलेज के जंतु शास्त्र सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम-2013 (पोश एक्ट 2013) एवं लिंग संवेदीकरण विषय पर सेमिनार का आयोजन विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया। शीर्षक के अंतर्गत महिला सुरक्षा, डिजिटल लिटरेसी, साइबर जागरूकता, लीगल लिटरेसी आदि उप शीर्षक को भी शामिल किया गया।

सेमिनार में लैंगिक संवेदनशीलता का शपथ कॉलेज के सभी व्याख्याताओं, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयं सेवकों को दिलवाया गया। दीप प्रज्वलित करने में प्रभारी प्राचार्य प्रजापति, आईक्यूएसी कॉर्डिनेटर, सेक्सुअल हारर्समेंट कमिटी कॉर्डिनेटर डॉ अलीशा वंदना लकड़ा, वीमेन सेल कॉर्डिनेटर डॉ नीला पूर्णिमा तिर्की, एनएसएस कॉर्डिनेटर डॉ प्रभाकर कुमार शामिल थे।
सेमिनार में प्रभारी प्राचार्य प्रो. प्रजापति ने कहा कि महिलाओं की समग्र सुरक्षा सभ्य समाज की पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाओं को सम्मान दिया जाता है, उस समाज की बढ़ोतरी देखी जाती है। लैंगिक समानता ही देश को आगे ले जा सकता है। डॉ अरुण कुमार रॉय महतो ने कहा कि सभी संस्थान में एक आंतरिक शिकायत कमिटी अनिवार्य रूप से बनाया जाता है, जो यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच और समाधान करती है। कहा कि पोश अधिनियम 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए बनाया गया कानून है।
इस अधिनियम का उद्देश्य यौन उत्पीड़न को रोकना, उस पर पाबंदी लगाना और उसका निवारण करना है। डॉ नीला पूर्णिमा तिर्की ने कहा कि महिला सुरक्षा एक जवलंत मुद्दा है, जिसमें अपराधों को रोकना ही नही बल्कि महिलाओं को समान व समानता के साथ जीने के अधिकार सुनिश्चित करना भी शामिल है।

डॉ प्रभाकर कुमार ने कहा कि लैंगिक समानता मानव अधिकार और समावेशी समाज के विकास के लिए मौलिक सिद्धान्त हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत सभी को समानता का अधिकार देता है। कहा कि महिला सुरक्षा एक बहुआयामी मुद्दा है, जिसके लिए संयुक्त प्रयास की आवश्यकता है। अन्य वक्ताओं ने भी अपने अपने विचार व्यक्त की। छात्रा सानिया नसीम ने भी सुझाव रखे।
मंच संचालन डॉ नीला पूर्णिमा तिर्की तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ मधुरा केरकेट्टा ने किया। मौके पर कॉलेज के सभी विभागों के व्याख्याता, शिक्षकेतर कर्मचारियों, छात्र छात्राओं, एनएसएस स्वयं सेवकों की उपस्थिति रही।
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