Advertisement

स्वास्थ्य पर्यावरण संरक्षण संस्थान द्वारा आयुर्वेदिक दिवस पर संगोष्ठी

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान द्वारा बोकारो के पर्यावरण-मित्र आश्रम में हमारा स्वास्थ्य और आयुर्वेद विषय पर 23 सितंबर को एक संगोष्ठी आयोजित की गई।

ज्ञात हो कि आज के दिवस को आयुर्वेद दिवस के रूप में केंद्र सरकार द्वारा घोषित कर इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। संस्थान द्वारा इस पुनीत कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साधुवाद दिया गया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष रघुवर प्रसाद तथा संचालन महासचिव शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ ने किया। आयुर्वेद के ऊपर प्रकाश डालते हुए संस्थान के उपाध्यक्ष वैद्य गणेश साव ने अडूसा, गिलोय, कचनार, कंटकारी, सरफूंका, अपामार्ग जैसी अनेकों औषधीय पौधों के विषय में बताते हुए कहा कि आयुर्वेद हमारे स्वस्थ के लिए अमृत की तरह गुणकारी है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आयुष चिकित्सक डॉ पूर्णेंदु गोस्वामी ने कहा कि सरकार द्वारा आयुर्वेद को जन सुलभ और सस्ता इलाज के रूप में आमजनों के लिए उपलब्ध कराने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। वैद्य राजेश पाठक ने कहा कि आज आयुर्वेद पर अनेक शोध हो रहे हैं और अनेकों औषधियां बनाई जा रही हैं जो रामबाण की तरह काम कर रही है। मुकुल ओझा ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं तथा विदेशी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेद के ज्ञान और इसकी पुस्तकों को नष्ट करने का काम किया है। साथ ही इसके विषय में भ्रामक प्रचार कर इस चिकित्सा पद्धति को बहुत ही नुकसान किया है।

संगोष्ठी में रघुवर प्रसाद, शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, वैद्य गणेश साव, डॉ पूर्णेंदु गोस्वामी, वैद्य राजेश पाठक, उमेश शर्मा, मृणाल चौबे, ब्रजेश मिश्र शप्पू, अजीत भगत, मनीष झा, डी के त्रिवेदी, अनुराग मिश्र, ललित कुमार, कुंदन उपाध्याय, रोहित सिंह, वीरेंद्र मिश्र, यू सी दुबे सहित कई विशिष्ट जनों ने अपना विचार व्यक्त करते हुए आज के समय में आयुर्वेद की महत्ता पर प्रकाश डाला।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *