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राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डीएवी इस्पात सेक्टर-12 में सेमिनार

तम्बाकू के अन्दर 4 हजार से अधिक जहरीले तत्व होते हैं-जिला परामर्शी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के संयुक्त तत्वधान में 28 जनवरी को बोकारो के डीएवी इस्पात सेक्टर बारह में सेमिनार का आयोजन में किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत स्कूल के शिक्षक गौतम कुमार द्वारा किया गया।

सेमिनार में जिला परामर्शी मो. असलम द्वारा सभी बच्चों को तम्बाकू के दुष्प्रभाव पर जानकारी दिया गया। सभागार में उपस्थित सभी बच्चों को बताया गया कि तम्बाकू का सेवन किसी भी रूप में लिया जाय, वैसे में हमारे शरीर को नुकसान करता है। कहा गया कि भारत में लगभग कुल 27 करोड़ 50 लाख रहिवासी किसी न किसी रूप से तम्बाकू का उपयोग करते है। जिसमे झारखंड में 5.1 प्रतिशत बच्चे 13-15 आयु वर्ग के तम्बाकू का प्रयोग करना शुरू कर देते हैं।

जिला परामर्शी ने बताया कि कम आयु में निकोटीन का लत लगना शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। तम्बाकू में 4000 से अधिक जहरीले तत्व होते हैं जो मनुष्य के शरीर में जाने के बाद कई बीमारियां पैदा करती हैं। जैसे हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, फेफड़े का कैंसर, मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, दांत खराब होना, बाल का गिरना, मोतियाबिन्द, अस्थमा आदि शामिल है। बच्चों को तम्बाकू छोडने हेतु तम्बाकू नशा मुक्ति केन्द्र व उसमें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही तम्बाकू छोड़ने हेतु टोल फ्री नंबर 1800-11-2356 को भी साझा किया गया।

सदर अस्पताल बोकारो के मनोचिकित्सक डॉ प्रशान्त कुमार मिश्रा द्वारा विद्यार्थियों को तनाव क्या है? इसके प्रकार जैसे सकारात्मक तनाव व नकारात्मक तनाव के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि सकारात्मक तनाव हमें समस्याओं का सामना करने के लिए प्रेरित करता है। छात्रों को बताया गया कि तनाव के मुख्य कारण पढाई में अव्वल आना, आर्थिक तंगी होना, नींद न आना, पारिवारिक समस्या होना, दैनिक परेशानियां हैं।

डॉ मिश्रा द्वारा सभी बच्चों को बताया गया यदि आपको यह शारीरिक लक्षण महसूस हो जैसे थकान, सिरदर्द, नींद के पैटर्न में बदलाव, पाचन में बदलाव, खट्टी डकार आना, सांस फूलना, भ्रम की स्थिति, निर्णय लेने मे कठिनाई व आत्म विश्वास की कमी महसूस हो तो आप समझ सकते है कि आपको मानसिक तनाव है। बच्चों व शिक्षको को बताया गया कि हम अपने आपको तनाव से मुक्त रखने के लिये क्या तरीका अपना सकते है। इसके लिये सुगंध का सहारा लें, गर्म पानी से नहायें, शराब का सेवन बिल्कुल नही करें, योग करे, टाईम मैनेजमेन्ट के अनुसार कार्य करें। अपनी सीमाओं को समझें, बहसबाजी न करे, चाय काफी का सेवन कम करें आदि। उन्होंने बताया गया कि तनाव से आजकल हर कोई ग्रसित है।

सभी शारीरिक और मानसिक परेशानियों का जड तनाव ही है। एक सामान्य सा लगने वाला तनाव भी कई बीमारियों को जन्म देता है जिससे छुटकारा पाना आसान नही होता है। इस लिए छोटी छोटी बातो को मन पर हावी न होने दें। यदि किसी को मानसिक सम्बन्धित कोई सुझाव लेना है तो टोल फ्री नंबर 14416 पर सम्पर्क कर सकते है। इस अवसर पर डीएवी स्कूल के प्राचार्य सुनील कुमार, शिक्षक गौतम कुमार, जयन्त संडिल्य के साथ जिला परामर्शी मो. असलम, सोशल वर्कर छोटेलाल दास के अलावा विद्यालय के बच्चे व कर्मी उपथित थे।

 

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