परियोजना द्वारा 5 वर्ष में सौ लाख टन होगा कोयला उत्पादन-पीओ
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। वन विभाग से विस्तारीकरण की स्वीकृति मिलने से बोकारो जिला के हद में सीसीएल ढोरी क्षेत्र के एसडीओसीएम प्रोजेक्ट के अधिकारीयों, कामगार और श्रमिक प्रतिनिधियों में हर्ष है। इसे लेकर परियोजना के उत्खनन विभाग परिसर मे एक मार्च को स्थानीय अधिकारी व् कामगार एक दूसरे को मिठाई खिलाकर हर्ष व्यक्त किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते माह 27 फरवरी को वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग झारखंड सरकार द्वारा सीसीएल ढोरी क्षेत्र के सेलेक्टेड ढ़ोरी खुली खदान परियोजना (एसडीओसीएम) कल्याणी मे सन्निहित कुल 143.05 हेक्टेयर एकड़ नवीनीकरण से संबंधित वन भूमि अपयोजन की स्वीकृति का विस्तारीकरण (अवधि- विस्तार) संबंधी प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यणी निदेशक बंजर भूमि विकास बोर्ड झारखंड रांची के पत्रांक 45 दिनांक 26-1-26 से प्राप्त प्रस्ताव की राज्य सरकार द्वारा समीक्षोपरांत भारत सरकार, वन एंव जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के आलोक मे विषय परियोजना को माइनिंग लीज से को – टर्मिनेश करते हुए आगामी 7-12-2050 तक विस्तारीकरण (अवधि-विस्तार) पूर्व मे स्टेज।। मे अधिरोपित (शर्त से VIII) को छोड़कर सभी यथावत रहेगी। पूर्व मे अधिरोपित शर्तो में आंशिक संशोधन (शर्त शर्त से VIII) मे करते हुए यथा प्रयोक्ता अभिकरण द्वारा समर्पित फाइनल स्टेज टर्म प्लान माॅडल के अनुसार वनभूमि को वन विभाग को वापस किया जाएगा।
इस संबंध मे सरकार के उप सचिव चन्द्रशेखर प्रसाद ने 27 फरवरी को पत्र निर्गत किया, जिसकी काॅपी सीसीएल मुख्यालय दंरभगा हाउस रांची को दी गई है। एसडीओसीएल के परियोजना पदाधिकारी शैलेश प्रसाद ने बताया कि वन पट्टा मिलने से परियोजना द्वारा प्रति वर्ष 20 लाख टन और 5 वर्ष तक सौ लाख टन कोयला उत्पादन होगा। कहा कि परियोजना का भविष्य उज्जवल है। उन्होंने इसके लिए सीसीएल के सीएमडी एन के सिंह और ढ़ोरी जीएम रंजय सिन्हा को साधुवाद दी।
इस अवसर पर मैनेजर राजीव कुमार, एसओ एक्स यू के पासवान, सेल ऑफिसर जसपाल सिंह, मैनेजर माइनिग एस के तिवारी, आरसीएमयू उत्खनन विभाग के सचिव मोहम्मद कलीमुद्दीन, मदन कुमार सिंह, नरेश महतो, अमर कुमार लाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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