गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिला के हद में हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच 22 के पटेढा टोल प्लाजा पर वीआईपी लेन से गुजर रहे एक स्कॉर्पियो सवार फर्जी एंटी करप्शन पदाधिकारी को सराय थाने की पुलिस ने 8 अगस्त को गिरफ्तार किया है।
बताया जाता है कि 8 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुनौरा धाम सीतामढ़ी आगमन के दौरान एनएच-22 टोल प्लाजा पटेढ़ा पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। इस दौरान जब एक स्कॉर्पियो क्रमांक-BR01PJ/4039 पर सवार बिना टोल टैक्स दिए वीआइपी लेन से अपनी गाड़ी निकलने का प्रयास कर रहा था। बताया जाता है कि टोल प्लाजा कर्मी ने उसे रोक दिया, जिससे उस पर सवार कर्मी ने अपने को एंटी करप्शन विभाग का पदाधिकारी बताते हुए टोल टैक्स नहीं देने की बात की।
जिसको लेकर टॉल कर्मी से विवाद हो गया। मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात भगवानपुर के कार्यक्रम पदाधिकारी सिद्धार्थ शंकर सिंह द्वारा स्कार्पियो सवार से परिचय पूछा गया तो स्कार्पियो सवार के फर्जी एंटी करप्शन पदाधिकारी होने का पता चला। उक्त पदाधिकारी ने सराय थाना पुलिस के समक्ष एक मामला दर्ज कराया।
पुलिस को दिए आवेदन में कार्यक्रम पदाधिकारी सिद्धार्थ शंकर सिन्हा ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुनौरा धाम सीतामढ़ी आगमन के अवसर पर वे वीवीआईपी ड्यूटी में टोल टैक्स पटेढ़ा सराय पर तैनात थे। इसी दौरान एक उजले रंग की स्कॉर्पियो रजिस्ट्रेशन नंबर BR 01PJ/4039 का चालक वीआईपी लेन में टोल टैक्स को लेकर बहस कर रहा था, जिससे जाम की समस्या उत्पन्न हो गई थी।
उसने अपना नाम दीपक प्रसाद पिता किशोर प्रसाद थाना खगौल जिला पटना रहिवासी बताया। इसी के साथ उसने कहा कि मैं एंटी करप्शन फांउडेशन ऑफ इंडिया का मेंबर हूं। उसने अन्य कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ऐसा प्रतीत होता है कि दीपक प्रसाद के द्वारा फर्जी तरीके से दुरुपयोग किया जा रहा था। सराय थाने के पुलिस ने उक्त फर्जी एंटी करप्शन पदाधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है तथा स्कॉर्पियो को भी पुलिस ने जप्त कर लिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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