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प्रेमचंद रंगशाला पटना में तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव में सविता राज सम्मानित

एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। कला और संस्कृति युवा विभाग द्वारा बिहार की राजधानी पटना के प्रेमचंद रंगशाला में आयोजित कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर की युवा कवियित्री सविता राज को सम्मानित किया गया।

कला और संस्कृति युवा विभाग बिहार सरकार के सौजन्य से 10वां आदिशक्ति प्रेमनाथ खन्ना तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव के अंतर्गत प्रेमचंद रंगशाला में बीते 28 जुलाई को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता सामयिक पत्रिका के प्रधान संपादक ममता मेहरोत्रा, भगवती प्रसाद द्विवेदी, प्रेम किरण, ईश्वर चंद्र जायसवाल (उत्तर प्रदेश), डॉ कुमार विरल, डॉ देव अकेला आदि कवियों व् साहित्यकारों द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन मुजफ्फरपुर की युवा कवियित्री सविता राज ने किया।

उद्घाटन के बाद कवि सम्मेलन का आरंभ किया गया। दोपहर दो बजे से कार्यक्रम की शुरुआत डॉ मीना कुमारी परिहार के गणेश वंदना से किया गया। ममता मेहरोत्रा ने दुनिया वाले क्या समझेंगे वाह के पीछे के ग़म को, किस किस दु:ख से गुजरी ममता अपने शेर सुनाने को प्रस्तुत कर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी।सविता राज ने होठों पर मुस्कान दिखानी पड़ती है, पीर हृदय की रोज़ छुपानी पड़ती है सुनाकर तालियां बटोरी। ईश्वर चंद्र जायसवाल ने नाग देव को पूजिये, लेकर उनका नाम, नागेश्वर की ले दया, कर ईश्वर शुभ काम ने खूब वाहवाही बटोरी। अंजनी कुमार पाठक ने रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे, पेड़ों पर हरियाली आये सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया।

कवि सम्मेलन में डॉ कुमारी अन्नू ने पता नहीं कब किस पनघट पर भेंट किसी से हो जाए सुनाकर तालियां बटोरी। डॉ कुमार विरल ने मिट्टी की गंध लिए, पुरवाई छंद लिए, अकुलाए शब्दों के पांव, दौड़ रहे नगर डगर गाँव सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। सुधांशु राज ने सिक्का उछाल और देख, तेरी मेरी कितनी औकात बची है को पसंद किय गया। अंशु कुमार ने के आंखों को अंगार करो, हृदय को हथियार करो, लड़ना हो जो गिद्धों से तो पंजों को तैयार करो। सुनाकर वाहवाही बटोरी।

इस अवसर पर काव्य पाठ करने वालों में ईश्वर चंद्र जायसवाल, भगवती प्रसाद द्विवेदी, प्रेम किरण, सौरभ प्रभात, डॉ सुनील कुमार उपाध्याय, डॉ कुमार विरल, अनुभव कुमार, डॉ मीना कुमारी परिहार, मीरा श्रीवास्तव, डॉ प्रतिभा रानी, शिवेंद्र मालवीय, विद्यापति चौधरी, सिद्धेश्वर, डॉ विजय गुंजन, मुकुंद, राजप्रिया रानी, गोपाल फ़लक, आशा रघुदेव, कृष्ण नंदन कनक, डॉ बिंदेश्वर प्रसाद गुप्ता मुख्य रहे। कार्यक्रम का आभार ज्ञापन अंजनी कुमार पाठक ने किया।

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