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ठाकुर अनुकूल चंद्र जयंती पर बोकना सत्संग विहार में जुटे सत्संगी

सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला (West Singhbhum District) के हद में बोकना सत्संग विहार में श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद के मानने वाले श्रद्धालुओ का मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र की 135वीं जयंती व् दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोगो को दीक्षा दिया गया तथा चेतना शक्ति बढ़ाने, परमात्मा से सीधा संपर्क करने का ज्ञान दिया गया। दीक्षा समारोह के बाद सभी श्रद्धालु भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

यहां उपस्थित दर्जनों लोगों को संबोधित करते हुए सत्संगी ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर ने कहा कि ठाकुर अनुकूल चंद्र के भाव को घर घर में पहुंचना जरूरी है। उनके भाव के अनुसार ही घर घर में भगवान श्रीराम रूपी धर्म की स्थापना करनी होगी। इस स्थिति में रावण रूपी अधर्म का नाश करना होगा।

ऋत्विक अमरनाथ ने कहा कि अदम्य उत्साह से सबको मानव कल्याण अर्थात प्रभु का काम करना है। भावना के अनुसार श्रीराम ने सबको दर्शन दिया है। मानव जीवन सबको जीवन देने वाले नाथ के लिए है। व्यवहार परिवर्तन से मनुष्य का भाव बदल सकता है। ईश्वर का नाम प्राप्ति मानव को करने के लिए ठाकुर जी पृथ्वी पर आए है।समस्त सार्थकता नाम में है।

रित्विक अमरनाथ ठाकुर ने कहा कि युग पुरुषोत्तम के बताए मार्ग के द्वारा जीवन में शांति स्थापित की जा सकती है। उनके बहू धारा, नीति नियम से जीवन को संतुलित किया जा सकता है।

सत्संग को संबोधित करते हुए प्रहलाद शर्मा ने कहा कि ठाकुरजी के बताये मार्ग अनुकरनीय है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का गंतव्य ईश्वर प्राप्ति है। सत्संगी यजन एवं याजन का महत्व बताते हुए उसे अनुकरण करने के लिए उन्होंने प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि ईश्वर के आदेश का पालन करने वाला एवं जन कल्याण के कार्य करने वाला व्यक्ति सदैव ईश्वर से जुड़ा हुआ होता है। मनुष्य को मानव शरीर बहुत ही सौभाग्य से प्राप्त हुआ है। अतः मानव को जन कल्याण का कार्य करना चाहिए।

कार्यक्रम में बोकना विहार मंदिर को सुसज्जित करने पर विचार रखे गए।महिलाओं की उपस्थिति में कार्यक्रम में चार चाँद लग गया। महिलाओं ने ठाकुर जी के जीवन पर प्रकाश डाले तथा मंदिर के विकास में सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से गुवा के पूर्व मुखिया कपिलेश्वर दोंगा, गोपाल नाग, सुलेखा हलदर, गायत्री शर्मा, प्रेमा देवी, अनु देवी, विनय कुमार, शिवेश कुमार ठाकुर, रश्मिता मुखर्जी, मनोरमा मुखर्जी, माला बोस, कविता घोष, महेंद्र शर्मा, श्रवण कुमार पांडेय, विवेक करमाकर, बादल हेंब्रम व अन्य दर्जनों श्रद्धालू उपस्थित थे।

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