हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक मंच पर 3 दिसंबर की रात देश के जाने-माने हास्य कवियों ने अपनी हास्य रचनाओं से मेला दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
हास्य कवि सम्मेलन में हंसते – हंसते दर्शक लोटपोट होने लगे। ठहाकों से पूरा पंडाल गूंजता रहा। हास्य – व्यंग्य के कवि पद्मश्री डॉ सुनील जोगी ने सम्मेलन का संचालन करते हुए बिहार की महिमा का बखान किया और अपनी कविता गौतम की महावीर की वाणी का सार बिहार है। चाणक्य, चंद्रगुप्त की महिमा अपार है। दिनकर की नेपाली की गूंजती हुंकार है, जो हार नहीं मानता है वो बिहार है गायन के साथ मंच पर बैठे समस्त कवियों का परिचय कराया।
हास्य कवि सम्मेलन में अन्य कवियों में गजेन्द्र पांडेय, अभिजीत पाठक, हेमंत पांडेय, कवियित्री सरला मिश्रा एवं डॉ तृष्णाश्री ने बारी- बारी से अपनी रचनाओं का पाठ किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत कवियित्री सरला मिश्रा के सरस्वती वंदना मां शारदे वे वरदायनी विनती मेरी स्वीकार कर से की गयी। इसके बाद ओज के युवा कवि अभिजीत पाठक ने अपनी रचना राजा और रंक सब आए और गए है। बीतता जाता है यहां समय के साथ सब कुछ, कुछ भी यहां पहले सा रहता है नहीं। ख्वाब हो, मंजिल हो यहां कुछ ठहरता नहीं है की प्रस्तुति से दर्शकों की वाहवाही लूटी। डॉ तृष्याश्री ने
सारे संसार का प्रेम की पाती हूं मै, ऐसी पवन धरा से ही आती हूं मै तथा अगली कविता सिया की भूमि जो राम की गुणगान गाती है।
तुम्हारे प्रेम में कान्हा स्वयं को हार बैठी हूँ, तुम्हारी एक झलक पाने को जन्नत वार बैठी हूं से दर्शकों को रूबरू कराया। उन्होंने प्रेमगीत रात भर जागकर तुमको लिखती रही और तुम हो कि तुमको खबर ही नहीं। गीत कितने लिखे याद करके तुमको और तुम हो कि तुमको असर ही नहीं से दर्शकों के मर्म को छू लिया। उन्होंने रामजी के प्रति समर्पित गीत जाके सजाओ दीप जलाओ, राम अयोध्या आए है जैसे गीत गाया। जिसपर उपस्थित दर्शकों ने खूब तालियां बजाई।
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