प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। गिरिडीह जिला के हद में बगोदर, डुमरी, हजारीबाग जिला के हद में बिष्णुगढ तथा बोकारो जिला के हद में गोमियां क्षेत्र में एक के बाद एक लगातार हो रही प्रवासी मजदूरों की मौत व विदेशो में फंसे होने का शिलशिला नहीं थम रहा हैं।
गिरिडीह जिला के हद में सरिया थाना क्षेत्र के बलिडीह निवासी स्वर्गीय रामेश्वर मंडल के 40 वर्षीय पुत्र पियारी मंडल की मौत बंगलोर में बीते 12 फरवरी की रात को मौत हो गयी। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया हैं।
जानकारी के अनुसार मृतक पियारी मंडल अपने पत्नी पार्वती देवी, बेटी पुजा कुमारी (21 वर्ष), सुलेखा कुमारी (15 वर्ष), पुत्र आशीष कुमार (19 वर्ष) और आनंद कुमार मंडल (14 वर्ष) को छोड़ गया है।
बताया जाता हैं कि मृतक कर्नाटक की राजधानी बंगलोर में बिल्डिंग लाइन में मजदूर के रूप में कार्यरत था। इसकी सूचना मिलते ही समाजसेवी सिकन्दर अली, समाजसेवी ललिता कुमारी मृतक के घर पहुँचकर बिलखते परिवारजनों को ढांढस बंधाया।
वहीं इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हितार्थ काम करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने कहा कि झारखंड के नौजवानों की मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि अभी झारखंड के 36 मजदूर ताजिकिस्तान में फंसे हुए हैं। सरकार मजदूर हित में कुछ पहल नहीं कर पा रही है और मजदूरों का पलायन तेजी से हो रहा है। ऐसे में सरकार को रोज़गार देने की जरूरत हैं। समाजसेवी अली ने कहा कि बंगलोर से मृतक के पैतृक गांव शव लाने के लिए हरसंभव मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।
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