रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के सोनपुरा स्थित सिल्ली साड़म में सरहुल पर्व के अवसर पर 14 मार्च को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला परिषद सदस्य अमरदीप महाराज, जिप सदस्य निशा हेम्ब्रम, सोनपुरा पंचायत के मुखिया चंद्रशेखर हेंब्रम तथा दांतू पंचायत के मुखिया चंद्रशेखर नायक समेत कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण रहिवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने झारखंडी पारंपरिक संस्कृति और परंपरागत नृत्य-संगीत कार्यक्रम में भाग लेते हुए उपस्थित जनों को झारखंडी जोहार दिया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य एवं गीत प्रस्तुत कर सरहुल पर्व की खुशियों को और भी खास बना दिया। जानकारी के अनुसार समारोह के दौरान आयोजन समिति द्वारा अतिथियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर अतिथियों ने गर्व की अनुभूति व्यक्त की और आयोजन समिति का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य अमरदीप महाराज ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति और आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है। इस तरह के आयोजन हमारी झारखंडी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि सरहुल पर्व आपसी भाईचारे और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है तथा ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने का काम करते हैं।

जिप सदस्य निशा हेम्ब्रम ने कहा कि सरहुल आदिवासी समाज की आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। सोनपुरा पंचायत के मुखिया चंद्रशेखर हेंब्रम ने कहा कि सरहुल पर्व हमारी आदिवासी संस्कृति और प्रकृति पूजा की परंपरा का प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारा और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। वहीं दांतू मुखिया चंद्रशेखर नायक ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने आयोजन समिति को आदिवासी संस्कृति की गरिमा को बनाए रखने के लिए साधुवाद देते हुए सभी को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दी।
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