एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो स्थित अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर प्रांगण में बीते 6 दिसंबर को सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित था।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की अध्यक्षा ज्ञांति देवी, मुख्य अतिथि प्रांतीय संयोजिका रंजना सिंह, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भूतगढ़िया की प्रधानाचार्या कंचनमाला सिंह, विद्यालय समिति अभिभावक प्रतिनिधि सदस्य रीमा देवी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन फुसरो (बेरमो) शाखा की अध्यक्षा हिमांशी अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना को प्रस्तुत करते हुए अणिमा हेंब्रम ने कहा कि सप्तशती संगम का उद्देश्य भारतीय नारियों को आत्मिक शक्ति बोध कराने से है। सप्त शक्ति के रूप में श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति, क्षमा और कीर्ति जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश का पौराणिक इतिहास रहा है कि जब भी आतताइयों का प्रादुर्भाव हुआ है, तब शक्ति का अवतार होकर उनका संहार किया है। अपने उद्बोधन के क्रम में रंजना ने कहा कि पुरुषार्थ की जन्मदात्री माताएं होती है।
जब माताएं सजग रहेगी तभी भैया बहनों की शिक्षा पूर्ण हो सकेगी और उनमें संस्कार समावेश हो सकेगा। कहा कि बच्चों के विकास में माता की अग्रणी भूमिका होती है। भारत की आदर्श कुटुंब व्यवस्था माता पर ही निर्भर है। माताओं को कुटुंब व्यवस्था की प्रेरणा भगवान शिव के परिवार से लेनी चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति का अनुकरण न कर अपनी गौरवपूर्ण सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही हिमांशी अग्रवाल ने कहा कि माता का स्वरूप नारी को संपूर्णता प्रदान कराता है। भारत के सांस्कृतिक विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। अपने उद्बोधन के क्रम में कंचनमाला ने कहा कि सप्तशती संगम का यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही पारिवारिक व्यवस्था को सशक्त बनाकर राष्ट्र के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर माताओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ हीं उनको पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर संयुक्त परिवार में अग्रणी भूमिका निभाने वाली 80 वर्ष की माता चिंता देवी को सम्मानित किया गया। साथ ही शहिद जल सेना की माता ऊषा देवी को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय में क्षेत्र के 277 महिलाओं का समागम हुआ एवं संकुल के 6 विद्यालयों से 6 प्रधानाचार्य यथा तुपकाडीह शिशु मंदिर के मंटू गिरि, शिशु मंदिर धोरी के परमानंद सिंह, मकोली के गणेश कुमार पाल, पिछरी के झरना चटर्जी, कस्तूरबाश्री विद्या निकेतन के प्रभारी प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार महतो एवं 20 दीदी की भी उपस्थिति रही। इस अवसर पर स्वादिष्ट भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। सबों ने विद्यालयी व्यवस्था की पूरी प्रशंसा की। अतिथि परिचय भगवंती नोनिया तथा मंच संचालन आचार्या पूजा कुमारी द्वारा किया गया।आभार ज्ञापन श्रेया वर्णवाल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की सभी प्रकार की व्यवस्था विद्यालय के सचिव अमित कुमार सिंह, उपाध्यक्ष रामनरेश दिवेदी, कस्तूरबाश्री विद्या निकेतन के सचिव धीरज कुमार पांडेय एवं स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा के दिशा निर्देश में सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम की प्रमुख भगवंती देवी, आचार्या श्वेता, निभा, अणिमा, मिशा, पूजा, सोनाली, मीना, श्रेया के साथ सहयोग हेतु आचार्य नवल सिंह, सुरेश साव, शंकर साव, किशोर कुमार, दिवाकर पांडेय, रवि मोदी, रवि सोनी, साधन चंद्र धर, राकेश सिंह, उमाशंकर के साथ साथ सभी कर्मचारी बंधु भगिनी का विशेष योगदान रहा।
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