अलविदा डॉ प्रभात आपकी यादें हमेशा साथ रहेंगी-प्रिंसिपल
चालीस साल की नौकरी में न हीं क्लास मिस की और न देर से क्लास पहुंचा-डॉ प्रभात
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। सेवानिवृत होने पर 31 जुलाई को अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ प्रभात कुमार समेत शिक्षकेत्तर कर्मचारी मुकेश कुमार सिंह एवं विमलेश कुमार सिंह को समस्तीपुर काॅलेज परिवार द्वारा समारोह आयोजित कर सम्मानित किया गया।
जानकारी के अनुसार समस्तीपुर काॅलेज में लगभग 40 वर्षों तक अंतर-स्नातक से पीजी तक के लाखों विद्यार्थियों के जीवन को संवारने वाले अपने शैक्षणिक पेशे के प्रति समर्पित पूर्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष व कवि-कथाकार डाॅ प्रभात कुमार के लिए महाविद्यालय में सम्मान सह विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा, कार्यरत व्याख्याता, अतिथि व्याख्याता, सेवानिवृत्त व्याख्याता, कॉलेज कर्मी, अविभावक आदि उपस्थित थे। समारोह में डाॅ प्रभात के अलावे सेवानिवृत्त शिक्षकेत्तर कर्मचारी मुकेश कुमार सिंह और विमलेश कुमार सिंह को भी इस अवसर पर सम्मानित कर विदाई दिया गया।
साथ ही गणित विज्ञान के सह प्राध्यापक जिनका स्थानांतरण ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पीजी डिपार्टमेंट में कर दिया गया है, उन्हें भी सम्मानित कर विदाई किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज की प्राचार्या (प्रिंसिपल) डॉ मीना प्रसाद ने सेवानिवृतों की सेवाकाल की भुरी-भुरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जेठ की धूप हो, माध की ठंढ़ हो या फिर भादो की वर्षा हो, एक भी क्लाश मिस नहीं करने वाले शिक्षक का नाम डॉ प्रभात कुमार है।
कहा कि डॉ प्रभात अनुशासन के जितने कड़े, शिक्षा के लिए उतने ही उदार थे। ये गरीब छात्रों को काॅलेज फीस, परीक्षा फीस भी अपने निजी कोष से भरते दिख जाते। आज इनके छात्र अपने जीवन के हरेक क्षेत्र में बेहतर कर रहे हैं। हमें उनसे इसी समर्पण की सीख लेनी चाहिए।
मौके पर डॉ प्रभात ने कहा कि लगभग 40 वर्षों तक समस्तीपुर के इस विख्यात कालेज में सेवा देने का मौका मिला। मैंने अनवरत अपने दायित्वों को निभाने का प्रयास किया। मुझे खुशी है कि मेरे पढ़ाये छात्र आज जीवन के हरेक क्षेत्र में बेहतर कर रहे हैं। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने रूंधे हुए गले से उपस्थित जनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि दूसरे देशों की तरह सेवानिवृत्त प्रोफेसर से नि:शुल्क शिक्षण कार्य कॉलेज को लेने पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता। मेरा दरवाजा हमेशा खुला रहेगा। जरूरतमंद छात्र-शिक्षक कभी भी नि:संकोच मेरी सेवा ले सकते हैं। मौके पर जाने-माने चिकित्सक डॉ अरविंद कुमार सिंह, प्रो. निर्मल प्रसाद, डॉ सच्चिदानंद तिवारी, डॉ एमएम झा, डॉ यदुनंदन प्रसाद सिंह, प्रो. जीतेंद्र प्रसाद, योगेंद्र राय, भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह आदि मौजूद थे। मंच संचालन डॉ राहुल मनहर एवं प्रो. मुकेश कुमार चौधरी ने किया।
सम्मान सह विदाई समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के बाद महाविद्यालय की छात्राओं के स्वागत गान से किया गया। तत्पश्चात प्रिंसिपल ने डॉ प्रभात समेत सेवानिवृत्ति पाने वाले सभी व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों को माला पहनाकर, चादर, पाग, छाता, अटैची, गुलदस्ता आदि देकर सम्मानित किया। समारोह को सफल बनाने में शशि, विकास, प्रमोद, गेस्ट टीचर आदि का सराहनीय सहयोग रहा।
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