एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में बीते 30 नवंबर को संपन्न वनडे मैच में हुई बड़ी सुरक्षा में चूक, नकली टिकटों की बिक्री और बड़े पैमाने पर टिकट की कालाबजारी, झारखंड की छवि पर एक कलंक है। नैतिकता के आधार पर नकली टिकट, टिकट काला बाजारी एवं अव्यवस्था पर झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अजय नाथ सहदेव एवं अजय पांडेय तत्काल जवाबदेही लेते हुए अपना इस्तीफा दे तथा झारखंड व् देश के क्रिकेट प्रेमियों से तुरंत सार्वजनिक माफी मांगे।
उपरोक्त बाते एक दिसंबर को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कही। उन्होंने कहा कि रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में 30 नवंबर को खेले गए भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वन डे अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट प्रेमियों को जिस तरह की अव्यवस्था, सुरक्षा में चूक, नकली टिकटों की बिक्री और बड़े पैमाने पर टिकट कालाबजारी का सामना करना पड़ा, वह न केवल झारखंड की छवि पर एक कलंक है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के माथे पर भी बदनुमा दाग है।
नायक ने कहा कि हजारों की संख्या में दूर-दराज से आए क्रिकेट प्रेमियों को स्टेडियम के बाहर घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, कईयों के पास वैध टिकट होने के बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि नकली टिकट रखने वाले अंदर तक पहुँच गए। मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त दिखी और कालाबाजारियों ने खुलेआम मनमानी की। यह सब कुछ झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) की घोर लापरवाही और नाकामी का जीता-जागता प्रमाण है।
इस पूरे प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव एवं उपाध्यक्ष अजय पांडेय पर सीधे तौर पर आती है। क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं के साथ इस तरह का खिलवाड़ और राज्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की साख को ठेस पहुँचाने के लिए दोनों पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए तथा झारखंड और देश भर के क्रिकेट प्रेमियों से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि शाहदेव (अध्यक्ष जेएससीए) एवं अजय पांडेय (उपाध्यक्ष जेएससीए) तुरंत इस्तीफा दें।
नायक ने कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पारदर्शी टिकटिंग सिस्टम और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि क्रिकेट सिर्फ़ खेल नहीं, झारखंड की जनता का जज़्बा है। इसे कलंकित करने वालों को कोई माफ़ी नहीं दी जा सकती।
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