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संत विष्णुदास उदासीन मौनी बाबा ने किया विराट संगीत समारोह का उद्घाटन

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में बिहार के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सोनपुर स्थित लोक सेवा आश्रम के सांस्कृतिक मंच पर 7 अगस्त को बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष सह लोकसेवा आश्रम के व्यवस्थापक संत विष्णुदास उदासीन (मौनी बाबा) ने 85वां नृत्य संगीत और वाद्य सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उपस्थित कलाकारों ने मौनी बाबा के साथ संत स्व.बाबा राम लखन दास की आरती उतारी। इस अवसर पर संत मौनी बाबा ने कहा कि मंच के संस्थापक एवं मेरे गुरु दादा स्वर्गीय बाबा राम लखन दास ने अपना समस्त जीवन लोकहित में अर्पित कर दिया। उन्होंने आध्यात्मिक साधना के अतिरिक्त संगीत साहित्य सेवा, देश की स्वतंत्रता एवं सुरक्षा के लिए अनेक कार्य किए।

उन्होंने कहा कि जब देश पर चीनी आक्रमण हुआ तो बाबा राम लखन दास ने देश के साधु समाज को ललकारते हुए इसी आश्रम से कहा था कि रख दो कुछ दिन कंठी माला, ले लो हाथ में राइफल भाला। इस दो पंक्ति से उनकी राष्ट्रीय क्रांतिकारी चेतना सहज प्रकट होती है।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सोनपुर ग्राम वासियों का हर तरह का सहयोग मिलता रहा है। संत राम लखन दासजी महाराज 7 अगस्त की ही रात भगवान के प्यार हो गए थे, जिसके कारण बाबा के गुरु भाई अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला सम्राट किशनजी महाराज एवं राष्ट्र रत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खां ने एक मत हो कर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को 7अगस्त की तिथि पर कर दिया।

तब से प्रतिवर्ष सात अगस्त को यह कार्यक्रम आयोजित होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बाबा राम लखन दास का जन्म झांसी उत्तर प्रदेश में एक कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार में सन 1890 में हुआ था। उन्होंने कहा कि संगीत से मनुष्य का जुड़ाव सदियों से रहा है। संगीत वही सीखा सकता है, जिसमें साधना करने की क्षमता हो। घंटों रियाज कर पाने में सक्षम इंसान ही कुशल कलाकार बन सकता है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भौतिक स्तर पर बटी हुई है, लेकिन संगीत की भाषा एक ही होती है।

कहा कि संगीत के बिना जीवन अधूरा है, क्योंकि हमारा दैनिक जीवन संगीत से भरा पूरा है। आज के युवाओं में संगीत से लगाव बढ़ रहा है। गायन वादन से लेकर नृत्य सभी क्षेत्रों में युवाओं की फौज मौजूद है। ज्ञात हो कि कार्यक्रम के संयोजक एवं उद्घोषक डॉक्टर गौतम की देश के विभिन्न शहरों से कुशल कलाकारों को बुलाने में अहम भूमिका रहती है।

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