सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। संयुक्त यूनियन द्वारा चार सूत्री मांगों को लेकर 4 जुलाई की सुबह से ही शॉवेल ऑपरेटर एवं डंपर आपरेटर ने स्लो डाउन कर पहले पाली में मात्र 12 सौ टन ही लौह अयस्क का उत्खनन किया। जिससे सेल को 3.3 हजार टन लौह अयस्क उत्खनन का नुकसान उठाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुवा सेल खदान में तीन पाली में उत्खनन किया जाता है। जिसमें एक पाली में ही 4 हजार 5 सौ टन लौह अयस्क का उत्खनन किया जाता है। ओएचपी मेकेनिकल से मिली जानकारी अनुसार स्लो डाउन आंदोलन के पहले दिन की पहली पाली में मजदूरों के आंदोलन से सेल प्रबंधन को लाखों का नुकसान हुआ है। बाकी दो पालियों का रिपोर्ट आगामी 5 जुलाई की सुबह मिलेंगी।
ज्ञात हो कि सेल गुवा के मजदूरों ने संयुक्त यूनियन के बैनर तले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा के दिशा निर्देशन में चार सूत्री मांग को लेकर सेल प्रबंधन के साथ कई दौर की बैठक की गई थी।
परंतु बैठक में मजदूरों की मांगों को प्रबंधन द्वारा नजर अंदाज किए जानें पर संयुक्त यूनियन ने 4 जुलाई से अनिश्चितकाल के लिए स्लो डाउन आंदोलन शुरू कर दिया है। संयुक्त यूनियन में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन इंटक, सप्लाई मजदूर संघ, सारंडा मजदूर संघ, सीटू, झारखंड मजदूर मोर्चा शामिल है।
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