किरीबुरू अस्पताल पर सारंडा, गुवा, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, बड़ाजामदा आदि क्षेत्र का भार
सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला (West Singhbhum district) के हद में किरीबुरु-मेघाहातुबुरु अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सेल प्रबंधन निरंतर प्रयास में लगी है। बावजूद इसके सफलता नहीं मिल पा रही है।
अब सेल प्रबंधन जमशेदपुर क्षेत्र के एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से सपंर्क साध इस समस्या समाधान के प्रयास में लगी है। इसी के मद्देनजर उक्त एनजीओ की एक टीम ने 10 जून को सेल की किरीबुरु अस्पताल पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया।
टीम को किरीबुरु के महाप्रबंधक (सीएसआर) नवीन कुमार सोनकुशरे और अस्पताल के सीएमओ डॉ एम कुमार ने पूरा अस्पताल व वार्ड आदि को दिखाकर जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि सेल की किरीबुरु व मेघाहातुबुरु प्रबंधन के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन इस बात को लेकर वर्षों से सबसे ज्यादा परेशान है, कि ऐसे रिमोट व जंगल क्षेत्र में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक आना नहीं चाहते हैं। पिछले कई वर्षों से सेल अस्पताल किरीबुरु के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की बहाली निकाली गई, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं आयें।
इस अस्पताल में महिला रोग, इएनटी, हड्डी, शल्य रोग विशेषज्ञ आदि थे, लेकिन वह भी यहां से स्थानान्तरण लेकर अन्यत्र चले गये। सेल के किरीबुरू अस्पताल पर सारंडा समेत गुवा, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, बड़ाजामदा, बोलानी गुवा आदि क्षेत्र के मरीजों का पूरा भार है। उसमें एक महिला रोग विशेषज्ञ जैसे अत्यंत जरूरी चिकित्सक का नहीं होना दुर्भाग्य की बात है।
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