सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में नोआमुंडी प्रखंड के गुवा स्थित सेल गुवा में चंद्रभूषण कुमार के मुख्य महाप्रबंधक बनने पर क्षेत्र के रहिवासियों मे हर्ष देखी जा रही है।
सेल के विकास की योजनाओं की जानकारी देते हुए 30 नवंबर को मुख्य महाप्रबंधक चंद्र भूषण कुमार ने बताया कि सेल बोलानी के बाद सेल गुवा का नाम आता है, जो वृहद पैमाने पर उत्पादन के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अंगीकृत सेल देश के विकास के लिए काम कर रही है।उत्पादन एवं डिस्पैच का कार्य देश को प्रगति एवं उत्थान के लिए किया जाना सेल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गाइडलाइन एवं दिशा निर्देशानुसार सेल कार्यरत है। सेल गुवा माइंस की उन्नति के लिए सभी को योजनाबद्ध तरीके से एक जुट होकर काम करना होगा।
मुख्य महाप्रबंधक के अनुसार सेल गुवा के विस्तारीकरण एवं विकास की रूप रेखा के तहत वर्तमान में स्थानीय प्रबंधन पिलेट प्लांट, बेनिफिशियल एवं स्लरी प्लांट के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। कहा कि सेल की सोंच है कि देश में लौह अयस्क की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सेल प्रबंधन कार्यरत है। कहा कि सेल कोई प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी नहीं बल्कि यह देश की सेवा करने वाली कंपनी है। सेल उत्पादन के साथ-साथ क्षेत्र को भी विकसित करने में अपनी भूमिका निभाती है। कहा कि यहां बगैर पेड़ों को काटे माइंस के विस्तारीकरण की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि वे सर्वप्रथम सेल बोलनी में वर्ष 1995 में पद भार ग्रहण किया था। इसके उपरांत सेल गुवा में बतौर महाप्रबंधक यांत्रिकी विभाग में वर्ष 2007 से अप्रैल 2025 तक कार्यरत रहे। सेल गुवा से पदोन्नति व स्थानांतरण के उपरांत बतौर मुख्य महाप्रबंधक यांत्रिकी विभाग के सेल किरीबुरु में मई से अक्टूबर तक सेवा दी। पुनः उनका स्थानांतरण किरीबुरु से गुवा नवंबर माह मे किया गया। बतौर सीजीएम सेल गुवा एवं सेल चिड़िया मुख्य महाप्रबंधक दोनो माईसों के विकास की बड़ी जबावदेही सेल प्रबंधन द्वारा मिली है।
उन्होंने बताया कि सेल गुवा प्रबंधन के मार्ग दर्शन में वर्ष 2007 से 2018 तक सभी पुरानी मशीनों को हटाकर नई मशीनों के माध्यम से कार्य किए जाने की नींव रखी जा रही है, ताकि माइंस में श्रमिक नियमित सुरक्षित एवं सुविधाजनक काम कर सकें। बिहार राज्य के सारण (छपरा) के रहने वाले सेल गुवा चिड़िया मुख्य महाप्रबंधक चन्द्रभूषण कुमार नें बताया कि उन्होंने आईएसएम धनबाद से बी.टेक (माईनिंग) में डिग्री हासिल की है। सेल कंपनी की प्रमुख उपलब्धियों में वर्ष 2024 में अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन और बिक्री हासिल करना, बैराबी-सैरांग रेलवे परियोजना जैसी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए इस्पात की आपूर्ति करना है। इसके अतिरिक्त सेल कंपनी के पास भारत में लौह अयस्क का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक होने का गौरव भी है।
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