विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। लगातार कई दशकों तक हजारों रहजवासियों की प्यास बुझाने वाला साड़म का गुहि अहरा तालाब आज अपनी अस्तित्व बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। रहिवासियों ने वर्तमान विधायक से इस तालाब को बचाने के लिए गुहार लगायी है।
जानकारी के अनुसार गोमियां प्रखंड के हद में साड़म पश्चिमी पंचायत स्थित मड़ई टोला का गुहिअहरा तालाब वर्तमान समय में अपने अस्तित्व को खोता चला जा रहा है। तालाब के पानी में जलकुंभियों का भरमार के साथ चारो ओर बड़े बड़े खर-पतवार उग आये हैं।
बताया जाता है कि उक्त तालाब के तीन तरफ मेढ़ है, जहां गंदगी का अंबार लग गया है। वहीं एक ओर पीसीसी सड़क है, जिससे रोजाना लगभग हजारों राहगीरों का आवागमन होता है।
इस संबंध में स्थानीय पंसस विष्णुलाल सिंह ने 9 अप्रैल को बताया कि कभी जमींदारों के अधीन यह तालाब था। परन्तु वर्ष 1955-56 में सरकार ने इस तालाब को अपने अधीन ले लिया। उस समय से इस तालाब की नीलामी भी होने लगी है।तालाब की नीलामी होने से स्थानीय मछुआरों के लिए जीविकोपार्जन का साधन बन गया है।
उन्होंने बताया कि भूतकाल मे साड़म मड़ई टोला, नौवा टोला, राजपूत टोला, धोबी टोला, भाट टोला सहित विभिन्न जगहों के हजारों रहिवासियों की प्यास कभी इसी तालाब के पानी से बुझती थी। वर्तमान समय में इस तालाब के पानी में गंदगी एवं विषैले जीवों का भरमार हो गया है। इस कारण रहिवासी इसके पानी से परहेज करने लगे हैं।
वहीं स्थानीय रहिवासी बसंत राम ने बताया कि तालाब के एक छोर पर छोटा सा तालाब बना दिया गया है, जहां बंगाली टोला सहित अन्य टोलो का गंदगी युक्त पानी का जमाव किया जाता है। इसके बाद उस गन्दे पानी को छोटे से कलवर्ट से दूसरी ओर निकासी कर दिया जाता है। वर्तमान समय में उस कलवर्ट की भी हालत काफी दयनीय हो गई है। कलवर्ट कभी भी जमींदोज हो सकता है।
इस तालाब के जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण कर तालाब का अस्तित्व बचाने के लिए रहिवासियों ने स्थानीय विधायक से गुहार लगाई है।
इस संबंध में विधायक ने रहिवासियों से कहा है कि जल्द ही डीएमएफटी फंड से तालाब का जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा।
इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। मौके पर गिरीश राम, बिनोद रजक, गुलटन रजक, हराधन रजक, मुन्ना रजक आदि मौजूद थे।
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