मुखिया प्रतिनिधि के आश्वासन के बाद महिलाएं हुई शांत
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। जल संकट से जूझ रही ग्रामीण महिलाओं ने 15 मई को पंचायत के जलसहिया को घेर लिया तथा जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण जलापूर्ति सुचारू रूप से करने की मांग पर अड़े रहे। बाद में स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि के समझाने के बाद मामला शांत हो सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में कथारा पंचायत के वाशरी मार्ग पर स्थित माइंस रेसक्यू कॉलोनी के पीछे जलसहिया गुलिस्ता कमाल की देखरेख में पाइप मरम्मति का कार्य कराया जा रहा था। इसी बीच सूचना पाकर महीनों से जल संकट का दंश झेल रही कथारा बस्ती की दर्जनों महिलाएं नियमित जलापूर्ति की मांग को लेकर जलसहिया से उलझ गई।
जल सहिया द्वारा लाख समझाने की कोशिश का उन महिलाओं पर कोई असर नहीं दिख रहा था। ग्रामीण महिलाओं का आरोप था कि जल सहिया अपने गांव असनापानी में बेहतर जलापूर्ति की व्यवस्था कर रखी है। जबकि उनके गांव में या तो जलापूर्ति नहीं की जाती है अथवा रुक रुककर पानी की आपूर्ति की जाती है। किसके कारण उनके घरों में पानी की किल्लत हमेशा बना रहता है।
इस संबंध में जल सहिया गुलिस्ता कमाल का कहना है कि उक्त गांव में जलापूर्ति की स्थिति ठीक नहीं रहता है। उन्होंने बताया कि उक्त गांव के कुछ दबंगो द्वारा टुल्लू पंप से पानी खींच लेने के कारण भी जलसंकट बना रहता है। उन्होंने महिलाओं से इस मामले में सहयोग की अपील की, जिससे वैसे दबंगो के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा कथारा वस्ती में ठीक से जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत कई बार पीएचईडी विभाग के तेनुघाट के अधिकारी से की गयी, लेकिन अबतक सुधार नहीं किया जा सका। जिसके कारण उन्होंने आज तक वहां से एक पैसे भी जल कर की वसूली नहीं की है।
इस अवसर पर कथारा बस्ती की कौशल्या देवी, कुंती देवी, मुनिया देवी, मोहरी देवी, सुशीला देवी, दुरपतिया देवी, सुमित्रा देवी, अहिल्या देवी, बेबी देवी, मंजू देवी, रिंकी देवी, संतोषी देवी, हेमंती देवी आदि शामिल थे।
बताया जाता है कि जलसहिया को लेकर ग्रामीण महिलाएं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सत्येंद्र दास से शिकायत की तथा जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। मुखिया प्रतिनिधि के आश्वासन के बाद ग्रामीण महिलाएं शांत हुई।
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