बिजली सुविधा के बगैर सोलर पैनल प्लांट मंजूर नहीं-विस्थापित मोर्चा
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। सीसीएल प्रबंधन, ग्रामीण भूमि रैयत एवं अनुमंडल प्रशासन के बीच 15 दिसंबर को बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के ऑफिसर्स क्लब करगली में त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया।
आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता में बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट की ओर से जिला दंडाधिकारी कुमार कनिष्क ने माना कि पानी की तरह बिजली भी बुनियादी सुविधा के अंतर्गत आता है। उन्होंने कहा कि सीसीएल अधिकारियों को यह तय करना है कि कोल इंडिया की कौन से अधिकारी विस्थापितों को घरेलू उपयोग के लिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करा पाएंगे। कहा कि अगली वार्ता सटीक हो इस बात की गारंटी हो।
बैठक में विस्थापितों की ओर से ऐसे कई मामले आए जिसे सुनकर दंडाधिकारी भी आश्चर्यचकित रह गये। सीसीएल की रिकॉर्ड में जिन तथाकथित रहिवासियों को नौकरी देने का उल्लेख है उन्हें नौकरी मिली ही नहीं है। क्षेत्र के महाप्रबंधक बारबार काम शुरू करने पर जोर दे रहे थे। इसपर विस्थापितों की ओर से स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि क्षेत्र द्वारा 6000 एकड़ से अधिक भूमि अधिगृहित की गई है, इसके एवज में मात्र 600 रैयतों को नौकरी मिली है।
त्रिपक्षीय वार्ता में सरकारी काम से लेकर खरीद बिक्री तक सभी तरह के काम में पिछले 42 वर्षों से प्रतिबंध लगे रहने का भी जिक्र किया गया। विस्थापितों द्वारा कहा गया कि सीसीएल प्रबंधन जमीन का उपयोग करना नहीं चाहती तो क्षतिपूर्ति के साथ डीनोटिफिकेशन की घोषणा करने की भी मांग की गई।
जीएम की ओर से कहा गया कि डीनोटिफिकेशन की प्रक्रिया की शुरूआत हो गई है, इसपर समय लगेगा। विस्थापित प्रतिनिधियों ने कहा कि सोलर पैनल प्लांट अगर हमारी जमीन पर लगेगा तो बिजली देना होगा। सीसीएल द्वारा अन्य क्षेत्र के कई गांवों में बिजली मुहैया हो रही है तो चलकरी के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?
दंडाधिकारी ने विस्थापितों और सीसीएल अधिकरियों की बातों को सुनते हुए कहा कि 40 साल की समस्या तो तुरंत हल नहीं होगा। इसे क्रमवार हल किया जा सकता है। कहा कि बिजली देने का रास्ता निकाले और विस्थापित भी अपनी ओर से संबंधित ठोस मांगो को शीघ्र दे, ताकि कोई ठोस कदम उठाया जा सके। कहा कि अगली वार्ता में पूर्णरूप से सहमति बनने संबंधी निर्णय उपरांत बैठक समाप्ति की घोषणा की। जिसकी लिखित मिनट्स भी बनाने की बात हुई।
वार्ता में प्रबंधन की ओर से जीएम संजय कुमार झा, विभागाध्यक्ष एलएंडआर शंकर कुमार, सर्वे ऑफिसर भरत यादव, सर्वेयर डीआरएंडआरडी जेडीपी सिंह, महाप्रबंधक सह विभागाध्यक्ष ईएंडएम व् सोलर प्लांट जयशंकर प्रसाद, पीओ डीआरएंडआरडी डी मांझी, विस्थापितों की ओर से आवेदक भुवनेश्वर केवट, विस्थापित नेता काशीनाथ केवट, जिला परिषद सदस्य अशोक मुर्मू, चलकरी उत्तरी पंचायत मुखिया अकलेश्वर ठाकुर, दक्षिणी मुखिया पति दुर्गा सोरेन, पूर्व मुखिया श्याम रजवार, अशोक मंडल, शिरोमणि मंडल, होपन मांझी, माणिक मंडल, जमाले बारिश, चुनीलाल केवट, मुन्ना गिरि, राज केवट, केंद्रीय समिति के सदर मनीरुद्दीन, वाजिद, कुतुबुद्दीन, देवानंद गिरि, धीरेन्द्र मंडल, मकसूद आलम, सुखराम सोरेन, लालेश्वर टुडू, अर्जुन मांझी, रमेश सोरेन, सुरेश, कोका मांझी, रंजित मंडल, विजय मंडल, रामदेव केवट, रविन्द्र टुडू, चेतलाल मांझी, मंगरू कपरदार, गोविंद पावरिया, रामप्रसाद मरांडी, रविन्द्र सोरेन, रजनीश सोरेन, देवीलाल टुडू, बशारत अंसारी, निमाई सोरेन आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
![]()













Leave a Reply