मुर्गा उड़ान: हजारों वर्षों पुरानी एक अनोखी परंपरा
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के घुटियाटांड़ बस्ती में मकर सक्रांति पर्व पर 15 जनवरी को हर साल की तरह ग्रामीणों द्वारा मुर्गा उड़ान मेला का आयोजन किया गया। यहां मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने बकरे व मुर्गा की बलि दी।
यहां पुजारी संजय बिंद व नाया सहदेव करमाली ने पूजन कराया। पूजा-अर्चना के बाद खेत में मुर्गा उड़ाया गया, जिसे लूटने की होड़ मची रही। खासकर युवा रहिवासी मुर्गा लूटने में काफी मशक्कत करते देखे गये।
बताया जाता है कि धनकटनी के उपलक्ष्य में यहां के ग्राम देवता की पूजा होती है। इसमें ग्रामीणों की सुख समृद्धि की कामना की जाती है। यहां कपसा बाबा, लुगू बाबा, मां दुर्गा, मां काली और खिदुर मुड़िया देवता की पूजा की जाती है। यहां जिनकी मन्नत पूरा होती है वे यहां बकरे की बलि देते हैं। यहां सैकड़ों पाठा व मुर्गा की बलि दी गयी। इसके बाद दर्जनों मुर्गा को ग्रामीणों की भीड़ में उड़ाया गया। मुर्गा लूटने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। ग्रामीण मुर्गा की छीना झपटी करते रहे।
स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि यहां देवी के नाम पर मुर्गा चढ़ाने के बाद उसे उड़ा दिया जाता है, जिसे ग्रामीण रहिवासी लूटते हैं और इस दौरान टकराने से उनका खून निकलता है। जो परोक्ष रूप से खून देवी के लिए चढ़ाया गया माना जाता है।

उक्त आयोजन में मेला समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद महतो, कार्यकारिणी अध्यक्ष बिनोद महतो, सचिव उमाशंकर महतो, पूर्व पार्षद रामचंद्र महतो सहित संतोष कुमार महतो, भरत महतो, शशि कुमार महतो, झरी महतो, प्रदीप महतो, पुनीत महतो, नारायण सिंह, ललीत महतो, गोलू महतो, रामचंद्र महतो, सुखदेव सिंह, मंगरु महतो, लालचंद महतो, जीवाधन महतो, छुटू महतो आदि ग्रामीणों का योगदान रहा। मौके पर सीसीएल बीएंडके महाप्रबंधक सह विभागाध्यक्ष माइनिंग के. एस. गैवाल, विभागाध्यक्ष सेल वी. एन. पांडेय, कारो पीओ सुधीर सिंहा, सिविल ओवरसीयर दीपक कुमार, समाजसेवी चिकू सिंह, डाॅक्टर शशि कांत सिंह आदि मौजूद थे।
![]()













Leave a Reply