मामले की जांच कर अस्पताल संचालक पर हो कार्रवाई-सुरेन्द्र प्रसाद सिंह
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। एक बार फिर समस्तीपुर के एक निजी अस्पताल की लापरवाही से एक रोगी की जान चली गई। मरीज की मौत से आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार उक्त मामला समस्तीपुर शहर के मोहनपुर स्थित नारायणा अस्पताल का बताया जा रहा है, जहाँ भागरथपुर कल्याणपुर वार्ड-7 निवासी अजय कुमार राम की 25 वर्षिया गर्भवती पत्नी सुमन कुमारी को बीते 9 सितंबर की रात्रि डेलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। मृतक के पिता रामबालक राम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधक ने 20 हजार रूपये जमा करा लिया।
फिर रोगी में खुन की कमी बताया। परिजन खुन देने को तैयार थे। इसी बीच रोगी की स्थिति बिगड़ने लगी। कहा कि उस समय उक्त अस्पताल में डाक्टर नहीं था। अस्पताल प्रबंधक परिजनों को रोगी से नहीं मिलने दे रहे थे। जब उन्होंने मिलने की कोशिश की तो तू तू, मैं, मैं के बीच अस्पताल प्रबंधक ने परिजनों को गोली मारने तक की धमकी दी।
रामबालक राम ने बताया कि इस बीच अस्पताल के एक स्टाफ ने उसे चुपके से बताया कि रोगी मर चुका है, अब पैसा नहीं दीजिएगा। जब तक मृतका के परिजन जुटते, अस्पताल प्रबंधक ने लाश को एंबुलेंस पर लादकर हटाना चाहा। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन किया।
बताया जाता है कि इस दौरान परिजनों ने स्थानीय रहिवासियों के सहयोग से समस्तीपुर- मुसरीघरारी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। मौके पर मुफस्सिल पुलिस पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
इस संबंध में भाकपा माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने अस्पताल की लापरवाही से रोगी की मौत मामले की जांच कर कार्रवाई करने, मृतक के परिजनों को मुआवजा देने, सुविधाविहीन निजी अस्पतालों, जांच घर, ऐक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि पर कार्रवाई करने की मांग जिला प्रशासन समेत सिविल सर्जन से की है अन्यथा आंदोलन का रूख अख्तियार करने की चेतावनी दी है।
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