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सबलपुर उत्तरी पंचायत बिन टोली से पहलेजा के बीच मही नदी पर बनेगा सड़क व् पुल

उक्त पुल निर्माण पर होंगे लगभग ₹9.87 करोड़ प्राक्कलित राशि खर्च

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर अंचल के सबलपुर उत्तरी पंचायत के बिन टोली से हरिहरनाथ – पहलेजा मुख्य सड़क के बीच लोअर बैलहट्टा झौरी घाट के पास मही नदी पर सड़क संपर्क पुल बनेगा। इस पुल के निर्माण पर लगभग ₹9.87 करोड़ (987.351 लाख) प्राक्कलित खर्च किए जाएंगे। पुल निर्माण की समय अवधि अगले वर्ष 10 सितंबर 2027 तक निर्धारित है।

बताया जाता है कि देश की आजादी के समय से ही उक्त घाट पर पुल निर्माण की मांग उठती रही है। उक्त स्थल पर पुल के निर्माण होने से न सिर्फ स्थानीय बिंद टोला के मल्लाहों का बल्कि आसपास के ग्रामीणों का प्रखंड कार्यालय सोनपुर आवागमन आसान हो जायेगा। साथ हीं उन्हें एक वैकल्पिक मार्ग भी मिल जायेगा। इस पुल के बन जाने से मही नदी किनारे अवस्थित ख्याति प्राप्त संकट मोचन मंदिर एवं साई मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कठिनाई भी दूर हो जायेगी। विशेषकर संकटमोचन मंदिर में हमेशा बिहार सरकार के भाजपाई मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, आरएसएस के विभिन्न कार्यक्षेत्रों से जुड़े गणमान्य जनों का आवागमन होता रहता है। अक्सर यहां कोई न कोई कार्यक्रम चलता रहता है।

खास बात यह भी है कि पुल निर्माण जहां होना है, वहां पहले से सिंगल एप्रोच रोड निर्मित है, बस उसे विस्तार करने की जरूरत पड़ेगी। अभी बाढ़ के दिनों में कम से कम चार माह तक पुल के अभाव में क्षेत्र के रहिवासियों को नाव का सहारा लेना पड़ता है।

शिवमय कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट प्रा. लिमिटेड है पुल निर्माण का संवेदक

बताया जाता है कि उक्त पुल निर्माण का जिम्मा शिवमय कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट प्रा. लिमिटेड को मिला है, यानी संवेदक शिवमय कंस्ट्रक्शन है। कार्यकारी एजेंसी कार्य अभियंत्रण ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल सोनपुर के अधीन है। पुल निर्माण की समय अवधि 10 सितंबर 2027 तक निर्धारित है।

निर्माण शुरू होने में देरी के बावजूद उम्मीदें कायम

सबलपुर उत्तरी पंचायत के बिन टोली से हरिहरनाथ – पहलेजा मुख्य सड़क के बीच लोअर बैलहट्टा झौरी घाट के पास मही नदी पर स्वीकृत इस पुल से क्षेत्र के रहिवासियों को बड़ी उम्मीदें है। सड़क संपर्क पुल निर्माण का कार्यारंभ बीते वर्ष 11 सितंबर 2025 को शुरू होना था, परन्तु अभी तक कार्य आरम्भ नहीं किया गया, जिससे स्थानीय रहिवासियों में थोड़ी निराशा व्याप्त है। पर उन्हें खुशी है कि कार्यस्थल पर पुल निर्माण से संबंधित बोर्ड लगाया जा चुका है, जिसमें आरम्भ होने की तिथि, समाप्ति की तिथि एवं संवेदक का नाम वर्णित है।

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