फिरोज आलम/जोनामोड़ (बोकारो)। बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ मध्य विद्यालय में राइड टू सेफ्टी अभियान चलाया गया। जिसके तहत विद्यालय के बच्चों एवं अभिवाहकों के बीच हेलमेट का वितरण किया गया।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के सौजन्य से इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन (India Head Injury Foundation) ने पटना में सुरक्षा अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत राष्ट्रीय-राजकीय सम्मान से सम्मानित समाजसेविका एवं शिक्षिका डॉ नम्रता आनंद, वोकैट संस्था की कंचन कुमारी और देवेश कुमार की टीम ने फुलवारी शरीफ मध्य विद्यालय में राइड टू सेफ्टी अभियान के तहत हेलमेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया।
डॉ नम्रता आनंद के नेतृत्व में बच्चों एवं उनके अभिभावकों को हेलमेट दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी फुलवारी शरीफ गौहर अंजुम को डॉ. नम्रता आनंद द्वारा पुष्पगुच्छ एवं अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। गोहर अंजुम ने कंचन कुमारी एवं देवेश कुमार को अंग वस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी फुलवारी शरीफ गौहर अंजुम ने आईसीआईसीआई लोंबार्ड, देवेश कुमार, कंचन कुमारी तथा डॉ नम्रता आनंद के इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि हेलमेट हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी है। हेलमेट वितरण का कार्य सराहनीय है।
इस अवसर पर कंचन कुमारी ने कहा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के सौजन्य से इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है, जिसका उद्देश्य पटना में सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में वृद्धि हो रही है।
दो पहिया वाहन चलाते हुए दुर्घटना की चपेट में आने वाले सैकड़ों युवा हर साल सिर की गंभीर चोटों से जान से हाथ धो बैठते हैं। इन्हें सिर की गंभीर चोटों से केवल हेल्मेट ही बचा सकता है।
देवेश कुमार ने कहा कि आज कल हर कोई बाइक से चलता है। अकसर हमें यह देखने को मिलता है की अधिकतर बाइक चलाने वाले चालक या बाइक पर पीछे बैठे सवारी हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं। जिससे सड़क दुर्घटना होने के कारण उनके सिर पर चोट लगती है और मौत भी हो जाती है। हेलमेट का उपयोग नहीं करने से हादसे में अनहोनी का खतरा बना रहता है।
डॉ नम्रता ने बताया कि हेलमेट एक सुरक्षात्मक सामग्री का रूप है, जो चोटों से सिर की रक्षा के लिए पहना जाता है। हेलमेट पहनने से जहां आपके सिर की सुरक्षा होती है, वहीं हेलमेट पहनना आंखों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। हेलमेट पहनना जहां सुरक्षा की दृष्टि से सही है, वहीं हेलमेट पहनने के और भी फायदे हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हेलमेट नहीं लगाने के कारण हुई हैं। हेलमेट से बेहतर कोई दूसरा सुरक्षा कवच नहीं है। दो पहिया वाहन चलाने वाले सैकड़ों युवा हर साल सिर की गंभीर चोटों से जान से हाथ धो बैठते हैं। इन्हें सिर की गंभीर चोटों से केवल हेलमेट ही बचा सकता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में फुलवारीशीफ मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार, परवेज आलम, राजेश द्विवेदी, फुलवारीशरीफ मध्य विद्यालय के शिक्षक शबनम, जीनत, नीलम आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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