जिलाधिकारी सारण ने की आपदा प्रबंधन की बैठक
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण के जिलाधिकारी (डीएम) अमन समीर ने 20 मई को जिला मुख्यालय छपरा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के दृष्टिकोण से आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में डीएम समीर ने सभी संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन के लिये निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आगामी 15 जून तक सभी तैयारी को मुकम्मल करने को कहा। बाढ़ आपदा के दृष्टिकोण से चिन्हित बाढ़ राहत आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई स्थल, पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण कर संचालन के लिए टीम का गठन कर तैयारी रखने को कहा गया।
समीक्षा में ऐसे बाढ़ प्रवण पंचायत से स्वास्थ्य केंद्र अधिक दूरी पर है, वहां अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र के संचालन के लिए उपयुक्त स्थल चिन्हित कर तैयारी रखने को कहा गया। साथ हीं कहा गया कि सभी बाढ़ प्रवण अंचलों के एमओआईसी एवं अंचलाधिकारी बैठक कर बोट एम्बुलेंस की आवश्यकता का आकलन कर तैयारी सुनिश्चित करेंगे।

समीक्षा बैठक में जिले के सभी बाढ़ प्रवण पंचायतों में गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजन एवं 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की सूची 15 जून तक तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। सभी आवश्यक मानव एवं पशु दवा का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने को कहा गया। पशु चारे की व्यवस्था के लिये दर एवं आपूर्तिकर्ता को निर्धारित रखने को कहा गया। बाढ़ आपदा की स्थिति में पशु मोबाइल चिकित्सा वैन को रखने के लिये उपयुक्त स्थल चिन्हित रखने को कहा गया।
समीक्षा बैठक में सभी बाढ़ प्रवण पंचायतों/वार्डों के परिवारों के आंकड़े की अद्यतन प्रविष्टि आपदा संपूर्त्ति पोर्टल पर सुनिश्चित करने को कहा गया। अभी की स्थिति के अनुरूप आंकड़े को अपडेट करने का निर्देश दिया गया। बाढ़ अथवा कटाव निरोधी कार्यों के लिये आवश्यक सामग्रियों के भंडारण स्थल की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण द्वारा बताया गया कि वर्त्तमान में 10 स्थलों पर बाढ़ निरोधी कार्य किये जा रहे हैं, जिसे जिलाधिकारी द्वारा मई माह के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। साथ हीं कहा गया कि सभी तटबंधों का भौतिक निरीक्षण बाढ़ नियंत्रण अभियंता एवं संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे। तटबंधों की निगरानी के लिये नामित स्थानीय व्यक्ति की सूची मोबाइल नंबर के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया। सभी स्लुइस गेट के क्रियाशीलता की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता को सभी सड़कों में निर्मित पुल/पुलिया/वेंट की सफाई कराकर स्पष्ट रिपोर्ट देने को कहा गया। गर्मी में पेय जल की समस्या नहीं हो, इसके लिये सभी पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों से बात कर खराब चापाकलों की जानकारी प्राप्त कर इसकी तत्काल मरम्मती सुनिश्चित कराने को कहा गया।
नगर निकायों में वार्ड पार्षदों से जानकारी प्राप्त कर खराब चापाकलों की मरम्मती सुनिश्चित कराने को कहा गया। जिन पंचायतों का भूगर्भ जलस्तर 20 फ़ीट से नीचे है, वहां विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त यतेंद्र कुमार पाल, नगर आयुक्त सुनील कुमार पांडेय, सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा, आपदा शाखा प्रभारी, विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
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