सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला (West Singhbhum District) के हद में मनोहरपुर स्थित आयरन ओर माइंस चिरिया के सभी 452 ठेका मज़दूरों की छँटनी किसी भी प्रकार से न्याय संगत नहीं है।
सेल प्रबंधन और एनएसपीएल ठेका कंपनी की मिलीभगत से ठेका मज़दूरों को काम से बैठाया जा रहा है। ताकि चिरिया खदान का उत्पादन कार्य मेनूअल की जगह पर पुरी तरह से मशीनिकरण से किया जा सके। उक्त जानकारी चिरिया(सेल)इंटक मज़दूर संघ के उपाध्यक्ष दिलबाग सिंह ने दी।
उन्होंने कहा कि मेसर्स एनएसआईपीएल (M/S NSIPL) द्वारा 452 श्रमिकों की छंटनी के आवेदन को संयुक्त सचिव, श्रम मंत्रालय, भारत सरकार (Indian Government) के द्वारा स्वीकृत कर लिया गया।
साथ हीं आगामी 19 जुलाई से 452 श्रमिकों की छंटनी का आदेश जारी कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मेसर्स एनएसआईपीएल कंपनी को जारी कार्य आदेश की अवधि समाप्त होने में लगभग एक वर्ष से ज्यादा का समय शेष बचा हुआ है।
उक्त कंपनी ने छंटनी के आवेदन में मुख्य कारण लौह अयस्कों के परिवहन के लिए सड़क की अनुपलब्धता का कारण बताया गया है। सड़क की अनुपलब्धता सेल प्रबंधन एवं उक्त कंपनी की विफलता का कारण है। इसके लिए 452 श्रमिक किसी प्रकार से जिम्मेदार नहीं हैं।
फिर भी 452 श्रमिकों की छंटनी कर दी गई है, जो न्यायसंगत नहीं है। चूँकि उक्त ठेका कंपनी सेल मुख्य नियोक्ता तथा चिरिया माईस का लीज होल्डर है। इसलिए जब तक नयी निविदा प्रभावी नहीं होती है तब तक 452 श्रमिकों को चिरिया माईस में नियमित रोजगार प्रदान करने का दायित्व सेल का है।
अतः यूनियन ने सेल प्रबंधन से आग्रह किया है कि अविलम्ब चिरिया माईस में कार्यरत सभी 452 श्रमिकों का नियमित रोजगार सुनिश्चित करे अन्यथा श्रमिकों द्वारा आगामी आठ जुलाई को 10 बजे दिन से सायं 5 बजे तक प्रतिदिन नियमित मुख्य कार्यालय चिरिया के समक्ष धरना, शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी।
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