आदिवासी मुहल्ला चेंगरघुटु में पेयजल संकट का दंश झेल रहे रहिवासी

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। पेटरवार प्रखंड (Petarvar block) के हद में अंगवाली दक्षिणी पंचायत के बारकेंदुवा क्षेत्र के आदिवासी मुहल्ला चेंगरघुटू, चरकपथन के दर्जनों रहिवासी इन दिनों पेयजल की विकट समस्या के दंश झेलने को मजबूर हैं।
बता दें कि वार्ड नं 7 अंतर्गत उक्त मुहल्ला आता है। जहां बीते 15 दिनों से बूंद बूंद जल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। मात्र एक चाँपाकल सहारा बना हुआ है। जहां से बड़ी मुश्किल से पीने का पानी लोग निकाल पाते हैं, क्योंकि उसका जलश्रोत भी काफी नीचे चला गया है। बगल वार्ड सदस्य सह उपमुखिया गणेश सोरेन (Ganesh soren) ने जानकारी दी कि मुहल्ले के बिल्कुल करीब खुले मैदान में 15/15 क्षेत्रफल का एक विशाल कूप का निर्माण बीते तीन वर्ष पूर्व कराया गया था। इतने कम समय मे कूप की स्थिति बिगड़ जाना इसकी कार्य गुणवत्ता को उजागर करती है। धंसकर कूप की गहराई भी कम हो गया और ऊपर,भीतर चारो ओर कई जगह टूट गए हैं। अभी भी नित्य प्रातः बेला में उसमे मात्र एक फिट तक पानी जमा होता है। जिसे मुहल्ले की महिलाएं घरेलू कार्य के लिए तुरन्त निकाल लेते हैं।नहाने व कपड़ा साफ करने के लिये लोगो को दो ढाई किमी खांजो नदी जाना पड़ता है।इस मुहल्ले के लोगों की समस्या को सुनने वाला कोई जन-प्रतिनिधि व सरकारी तंत्र सामने नही आये हैं। सिर्फ चुनाव के दौरान मुहल्ले में जाकर इनसे मिलते अवश्य हैं। मुखिया प्रतिनिधि अशोक प्रगनैत, पंचायत प्रतिनिधि जीतलाल सोरेन,उपमुखिया गणेश सोरेन, लालदेव सोरेन, वीर कुंवर मांझी, मोतीलाल मांझी, रामचन्द मांझी, बाबूराम मांझी, रामजीत मांझी, गीता देवी, बसन्ति देवी आदि ग्रामीण प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की वर्तमान पाईपलाइन द्वारा जलापूर्ति योजना को बेकार बताते हुये कहा कि यह महज दिखावा है। इस योजना से किसी के घर मे पानी आने वाला नही। फिलवक्त बेरमो के यूपीए विधायक कुमार जयमंगल से अनुरोध किया है कि यहां के धँसे कूप की मरम्मती सहित एक नया डीप बोरिंग कराके जलापूर्ति की व्यवस्था की जाय।

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