विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। प्रशासनिक उदासीनता के कारण बांस के बनाए गए पुलिया पर रहिवासी एवं स्कूली बच्चे आवागमन करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला अति सुदूरवर्ती क्षेत्र गोमिया प्रखंड के हद में कुन्दा पंचायत स्थित चोरालूटवा गांव है, जहां दर्जनों आदिवासी परिवार रहते हैं। गांव तक जाने के लिए कच्ची सड़क बनी है। इसी सड़क पर पहाड़ों से निकलकर बहने वाली बानासोढा नाला गुजरता है।
ज्ञात हो कि, आवागमन में सुविधा को लेकर आसपास के रहिवासियों ने इस नाले पर कड़ी मशक्कत से छोटी सी पुलिया का निर्माण किया था, किन्तु इन दिनों लगातार हो रहे बारिश के कारण पुलिया बह गया। उक्त पुलिया के बह जाने से रहिवासियों एवं स्कूली बच्चों को आवागमन करने में परेशानी होने लगी। प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के आश्वासन से थककर रहिवासियों ने इस नाले पर तत्काल बांस का पुलिया तैयार किया और अब रहिवासी इस बांस के पुलिया से आवागमन कर रहे हैं।
इस संबंध में पंचायतवासियों ने बताया कि खखंडा गांव के दुधमटिया से मुरपा चोरालूटवा तक जाने के लिए कच्ची सड़क बनी हुई है, जिसका निर्माण श्रमदान कर बनाया गया है। इसी सड़क के बीच में पहाड़ों से निकलकर बानासोढा नाला गुजरा है। रहिवासियों ने पक्की सड़क और पुलिया निर्माण कराने को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, परन्तु आश्वासन के सिवा उन्हें कुछ नहीं मिला।
इस संबंध में कुंदा पंचायत के मुखिया अकेश्वर महतो ने 8 जुलाई को बताया कि दुधमटिया गांव से चोरालूटवा तक जाने के लिए रैयतों के सहमति से रहिवासियों ने स्वयं श्रमदान कर कच्ची सड़क का निर्माण किया है। सड़क की पक्कीकरण और पुलिया निर्माण कार्य के लिए प्रखंड मुख्यालय में आवेदन दिया गया है। कहा कि बीते दिनों झुमरा एक्शन प्लान के तहत हुए बैठक में भी इस बात को रखा गया था, किंतु वहां भी आश्वासन मिला। आखिर कब तक रहिवासी प्रशासनिक उदासीनता को खेलते रहेंगे?
![]()













Leave a Reply