विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोमियां में मरीज की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार इस अस्पताल में डॉक्टर (Doctor) की देरी के कारण नर्स करती है इलाज। ऐसा ही एक वाक्य 12 दिसंबर को देखने को स्वास्थ्य केंद्र गोमियां में मिला। बताया जाता है कि पास के ही एक मरीज की तबीयत बिगड़ गयी। घरवाले उसे प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए। वहां हॉस्पिटल वालों ने दूसरी जगह ले जाने की सलाह दी।
तब परिजनों ने मरीज को गोमियां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया। उसके उपरांत देखा कि वहां पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है। मरीज को देखने एक नर्स आकर जांच कर मरीज के मौत की बात कही। इस पर परिजन आक्रोशित हुए और डॉक्टरों को बुलाने को कहा।
डॉक्टर भी 2 घंटे बाद आये। मरीज का चेकअप किया और कहा कि मरीज अब नहीं रहा। इस पर परिजनों ने डॉक्टर को खरी-खोटी सुनाते हुए लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर आते तो शायद मेरा मरीज बच जाता। यह कैसी सुविधा है? मरीज आने के 2 घंटे बाद डॉक्टर अस्पताल आते हैं।
मृतक के भाई बसंत पासवान ने इस संबंध में कहा कि जब वह हॉस्पिटल लेकर आए तब उनके भाई की सांसे चल रही थी। वह गरीब आदमी है। बड़ा हॉस्पिटल लेकर कहां जाते हैं। अगर गोमियां हॉस्पिटल में डॉक्टर समय पर मौजूद रहते तो उसके भाई की जान बच सकती थी।
वहीं उक्त पंचायत के मुखिया धनंजय सिंह ने कहा कि यह बड़ी दुःख की बात है कि डॉक्टरों की कमी के कारण एक मरीज की मौत हो गई। अगर डॉक्टर समय पर रहते तो शायद आज उस मरीज की जान बच सकती थी। वही इस संबंध में गोमियां स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉक्टर हेलेन बारला ने कहा कि वह बाथरूम में थे इस कारण देर हो गई।
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